Exclusive: राहुल गांधी से क्यों हुई तू-तू मैं-मैं? दिनेश प्रताप सिंह ने INDIA TV को बताई बहस की हकीकत; यहां जानें


दिनेश प्रताप सिंह से खास बातचीत।- India TV Hindi
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दिनेश प्रताप सिंह से खास बातचीत।

यूपी के रायबरेली जिले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिशा की बैठक में भाग लिया। इस दौरान बैठक में योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस हो गई। इस बहस का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि इस बहस के बाद योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इंडिया टीवी से खास बातचीत की है। इंडिया टीवी से बात करते हुए उन्होंने बहस के पीछे क्या वजह थी, इसका भी खुलासा किया है। बता दें कि दिनेश प्रताप सिंह पहले कांग्रेस पार्टी के नेता थे और गांधी परिवार के बेहद करीबी मानें जाते थे। 

बैठक में क्या हुआ?

दिनेश प्रताप सिंह से जब पूछा गया कि आखिर बैठक में क्या हुआ था? इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, “दिशा की बैठक भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रायबरेलीवासियों के विकास के लिए दिए जाने वाले धन अथवा कार्यक्रमों/परियोजनाओं के अनुश्रवण के लिए होती है। लेकिन जब कोई दिशा का अध्यक्ष अपने को दिशा का मालिक बन करके बैठना चाहे तो ये उचित नहीं है। इसका प्रतिकार मैंने किया कि आप केवल सुपरवाइजर हो। देश के ग्रामीण विकास मंत्रालय के द्वारा जो 43 कार्यक्रम दिए गए हैं उनका अनुश्रवण करने के लिए, तो वो बार-बार कह रहे हैं कि मैं अध्यक्ष हूं मेरी अनुमति से होगा। तो मैंने कहा कि आप अध्यक्ष हो जरूर लेकिन मैंने देखा है कि लोकसभा अध्यक्ष की बात आप कितनी मानते हो तो मैं आपकी बात मानने को बाध्य नहीं हूं। जब तक आप दिशा की परिधि के भीतर आप चर्चा नहीं करोगे मैं इस मंच को राजनीति के लिए, किसी पार्टी के लिए उपयोग नहीं होने दूंगा।”

किस बात को लेकर हुई बहस?

इंडिया टीवी से बात करते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने आगे कहा, “आप दिशा की परिधि के भीतर बैठक करो। आप 43 कार्यक्रमों के बाहर नहीं जा सकते हो और दिशा की गाइडलाइन के बाहर नहीं जा सकते हो। उनका बार-बार कहना था कि मैं अध्यक्ष हूं। तो मैंने कहा कि ये अध्यक्ष नहीं हो सकता। केवल गाइडलाइन में दिए प्रदत्त अधिकार जो हैं, उसी के भीतर आपको काम करने दूंगा। नहीं तो आपकी ये बैठक चलने नहीं दूंगा। राहुल गांधी जी का बार-बार ये कहना था कि मुझे अधिकार है। फिर वो कहते थे कि अन्य विषय अध्यक्ष की अनुमति से लीजिए, मैंने कहा कि अन्य विषय एजेंडे में कहीं लिखा नहीं है।”





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