VIDEO: यूक्रेन ने बनाई नई क्रूज फ्लेमिंगो मिसाइल, रूस के ओर्योल समेत कब्जे वाले क्षेत्रों पर हमले से किया परीक्षण


यूक्रेन ने रूस पर दागी अपनी नई क्रूज फ्लेमिंगो मिसाइल- India TV Hindi
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यूक्रेन ने रूस पर दागी अपनी नई क्रूज फ्लेमिंगो मिसाइल

कीवः रूस के साथ साढ़े तीन साल से अधिक वक्त से जंग लड़ रहे यूक्रेन का युद्ध के मैदान में नया तेवर देखने को मिला है। रूस से जंग के दौरान जेलेंस्की की सेना ने अपनी नई क्रूज सब-सोनिक फ्लेमिंगो मिसाइल बना लिया है। इसका परीक्षण करने के लिए यूक्रेन की सेना ने बृहस्पतिवार को रूस के ओर्योल समेत उसके कब्जे वाले कई क्षेत्रों पर बड़ा हमला किया। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने रूस पर हमले में लॉन्च किए गए चार फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों का वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें रूस के ओर्योल पर आग बरसते देखा जा सकता है। 


13 नवंबर की रात और सुबह किया बड़ा हमला

यूक्रेनी सेना ने 13 नवंबर की रात और सुबह के दौरान रूस पर चार फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों से बड़ा हमला किया। यूक्रेन की सेना ने इसकी लॉन्चिंग का वीडियो भी शेयर किया है। इनमें से एक को बृहस्पतिवार को सुबह ओर्योल के ऊपर लांच किया गया, जिसे रूसी वायु रक्षा प्रणाली द्वारा मार गिराया गया। दावा है कि बाकी मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा है। जनरल स्टाफ के अनुसार हमलों ने क्रीमिया और ज़ापोरिज़्ज़िया के कब्जे वाले हिस्से में कई स्थलों को निशाना बनाया। इसमें एक तेल डिपो, ड्रोन भंडारण और तैयारी सुविधाएं, एक हेलीकॉप्टर पार्किंग क्षेत्र तथा वायु-रक्षा स्थिति शामिल है। 

रूस के अंदर तक हमला

यूक्रेन की सेना का दावा है कि उसकी कुछ मिसाइलें और ड्रोन ने रूस के अंदर के स्थलों को भी निशाना बनाया। हालांकि इससे हुए नुकसान का अभी कोई ब्यौरा नहीं दिया गया है। यूक्रेनी सेना का कहना है कि क्षति का आकलन अभी किया जा रहा है। उधर रूस की ओर से भी इस हमले को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 


क्या है फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल?

फ्लेमिंगो (FP-5 Flamingo) यूक्रेन द्वारा विकसित एक स्वदेशी लंबी दूरी की सबसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो रूस के खिलाफ रणनीतिक हमलों के लिए डिजाइन की गई है। यह यूक्रेन की स्वदेशी हथियार क्षमता को मजबूत करने का हिस्सा है, जो युद्ध के दौरान विदेशी निर्भरता कम करने का प्रयास है। इसकी पहली युद्धक तैनाती आज ही 13 नवंबर 2025 को रूस और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों पर हमलों के साथ की गई। इस दौरान एक साथ चार फ्लेमिंगो मिसाइलें रूस पर लॉन्च की गईं। फ्लेमिंगो का विकास यूक्रेनी कंपनी फायर पॉइंट (Fire Point) द्वारा किया गया, जो अगस्त 2025 में इसे गुप्त रूप से पेश किया। यह मिसाइल यूक्रेन की “दीप स्ट्राइक” क्षमता को बढ़ाने के लिए बनाई गई, जो रूसी सैन्य बुनियादी ढांचे को दूर से निशाना बना सकती है। 

 

तकनीकी विशेषताएं

फ्लेमिंगो अमेरिकी टोमाहॉक मिसाइल से अधिक रेंज और पेलोड वाली मिसाइल है, जो जमीनी लॉन्च (ग्राउंड-लॉन्च) से फायर की जाती है। इसकी रेंज: 3,000 किलोमीटर से अधिक (लगभग 1,864 मील) है, जो रूस के गहन इलाकों तक पहुंचने की क्षमता देती है। इसकी गति सबसोनिक है, जो अधिकतम 900-950 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी वार हेड क्षमता 1,000-1,150 किलोग्राम तक है, जिसमें बंकर-बस्टिंग वारहेड है जो 10 मीटर मोटी कंक्रीट को भेद सकता है। इसका वजन लगभग 6,000 किलोग्राम, विंगस्पैन: करीब 6 मीटर। इंटरनल नेविगेशन और जीपीएस-आधारित है, जो सटीक निशाना लगाने में मदद करता है।

ओर्योल में बरसाई आग

यूक्रेन की नई क्रूज फ्लेमिंगो मिसाइलों ने अपनी लांचिंग के दौरान रूस के ओर्योल में विस्फोटों से आग की बारिश कर दी। इस दौरान रूस के एक थर्मल पावर प्लांट को निशाना बनाया गया। यह फ्लेमिंगो का पहला युद्धक उपयोग था, जो यूक्रेन की Bars और Liutyi ड्रोन्स के साथ मिलकर किया गया। फ्लेमिंगो रूस के लिए नई चुनौती है, क्योंकि इसकी लंबी रेंज से यूक्रेन अब गहन रूसी क्षेत्रों को धमकी दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल युद्ध के रणनीतिक संतुलन को बदल सकती है।

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