
डिजिटल फ्रॉड केस में गुजरात कांग्रेस का युवा नेता गिरफ्तार
गुजरात: अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े डिजिटल फ्रॉड केस के सिलसिले में भावनगर से गुजरात कांग्रेस के एक युवा नेता को गिरफ्तार किया है। आरोपी, भावनगर NSUI का अध्यक्ष और गुजरात युवा कांग्रेस चुनाव में प्रमुख पद का उम्मीदवार रह चुका है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह के लिए काम करने का आरोप है।
50 लाख की धोखाधड़ी का मामला
साइबर क्राइम ब्रांच को एक फरियादी से शिकायत मिली थी कि उसे ‘Franklin Templeton Investment Strategy’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में Felicity Walsh (मोबाइल: 6232870258, 9748930061) और Jeff Mason (मोबाइल: 9125560346, 7397495331) जैसे नामों का इस्तेमाल कर विदेशी निवेश अवसरों का लालच दिया गया।
फरियादी को एक फर्जी ऐप (FPIWM) डाउनलोड करवाया गया और आईपीओ एवं स्टॉक खरीदने के लिए उकसाया गया। फरियादी से कुल ₹50,50,000/- अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाए गए। आरोपियों ने केवल ₹3,00,000/- लौटाए, जबकि बाकी मूलधन और लाभ हड़प लिया। फरियादी की शिकायत के बाद FIR दर्ज हुई और साइबर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की।
कंस्ट्रक्शन और सोने के लेन-देन का व्यवसाय
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान आर्षमान खान जोरावर खान शुक (बलोच) (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसका पेशा कंस्ट्रक्शन और सोने के लेन-देन का व्यवसाय है।
27 साइबर क्राइम कम्प्लेंट दर्ज
जांच में सामने आया कि फरियादी द्वारा ट्रांसफर किए गए ₹2,99,000/ एक HDFC बैंक खाते में गए। यह रकम एक अन्य व्यक्ति ‘जुनेद माकुफभाई’ के माध्यम से आरोपी आर्षमान खान तक हाथों-हाथ (हवाला/आंगडिया पद्धति) से पहुंची थी। आगे की जांच में पाया गया कि आरोपी ने इसी तरह विभिन्न खातों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक की राशि आंगडिया के माध्यम से प्राप्त की थी।
आरोपी आर्षमान खान दुबई-चाइनीज़ गैंग के लिए काम करता था और उसे हर ट्रांजेक्शन पर लगभग 25% कमीशन मिलता था। वह पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से इस फर्जी निवेश स्कैम से कमाई कर रहा था। आरोपी 11 बैंक खातों से जुड़े ट्रांजेक्शंस में सम्मिलित पाया गया है और उसके खिलाफ गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान, तेलंगाना, और आंध्र प्रदेश में कुल 27 साइबर क्राइम कम्प्लेंट दर्ज हैं।
अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े होने का खुलासा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी आर्षमान खान पिछले 2.5 साल से नियमित रूप से व्यवसाय के सिलसिले में दुबई जाता था। वहीं, उसके संपर्क अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े। पुलिस अब इस चीनी-दुबई गैंग के स्थानीय नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य साथियों की तलाश कर रही है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है, जिसके तहत उस पर परिताणा टाउन पुलिस स्टेशन और लोधपुरा सिटी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामले दर्ज हैं।
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