राजा भैया और उनकी साली को हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस, पत्नी भानवी सिंह को मिली बड़ी राहत


Raja Bhaiya wife case, Bhanvi Kumari Singh defamation- India TV Hindi
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रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ​​राजा भैया।

लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ​​राजा भैया और उनकी साली साध्वी सिंह को पत्नी भानवी कुमारी सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इसके साथ ही मानहानि के मामले में भानवी को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह मामला भानवी की बहन साध्वी सिंह द्वारा दायर किया गया था। भानवी की याचिका पर कार्रवाई करते हुए हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक राजा भैया और साध्वी सिंह को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद तय की है।

भानवी के वकील ने कोर्ट में दी ये दलील

जस्टिस सौरभ लावनिया की बेंच ने यह आदेश भानवी द्वारा दाखिल की गई CrPC की धारा 482 के तहत याचिका पर पारित किया। इस याचिका में उन्होंने लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में लंबित आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी थी। यह मामला साध्वी सिंह द्वारा 4 सितंबर 2023 को हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई FIR से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने मानहानि का आरोप लगाया था। पुलिस ने बाद में चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद CJM ने संज्ञान लेते हुए भानवी को समन जारी किया। भानवी के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपित अपराध की प्रकृति को देखते हुए केवल मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत का मामला बनता है, और FIR दर्ज करना एवं जांच करना गलत था। अदालत को यह भी बताया गया कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता दोनों बहनें हैं।

‘केस पर विचार करने की जरूरत है’

 याचिका के मुताबिक, राजा भैया ने 14 नवंबर 2022 को भानवी के खिलाफ शादी खत्म करने के लिए एक मुकदमा दायर किया था, जिसके जवाब में भानवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। साध्वी ने आरोप लगाया कि उस जवाब में दिए गए कुछ बयान मानहानिकारक थे, जो FIR का आधार बने। कोर्ट को यह भी बताया गया कि भानवी ने साध्वी के खिलाफ एक अलग मुकदमा दायर किया है, जिसमें कैंटोनमेंट इलाके में स्थित ‘रामायण’ नाम की प्रॉपर्टी को लेकर स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई है। यह देखते हुए कि विवाद 2 बहनों के बीच है और इसे मध्यस्थता से सुलझाया जा सकता है, कहा कि केस पर विचार करने की जरूरत है और इसलिए भानवी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को अगले आदेश तक रोक दिया।





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