
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर
लीबिया: बांग्लादेश इस्लामिक कट्टरपंथियों के हाथों में चला गया है। इस बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर खुद इस्लाम के प्रचार में जुट गए हैं। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस वक्त अफ्रीकी देश लीबिया के दौरे पर हैं। लीबिया में आसिम मुनीर ने 4 अरब डॉलर के हथियार बेचने का सौदा किया है।
लीबिया के जनरल के साथ बातचीत में आसिम मुनीर ने पहले अपने मुल्क के हथियारों की तारीफ में कसीदे पढ़े और ये दावा किया कि भारत के साथ जंग में पाकिस्तान ने 90 परसेंट स्वदेशी हथियार इस्तेमाल किए थे। इसके बाद मुनीर ने अपने हाफिज-ए-कुरआन होने का सबूत दिखाते हुए, आयतें पढ़कर लीबिया के जनरल्स को इंप्रेस करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अल्लाह के रास्ते पर चलने का, दुनियाभर के सभी मुसलमानों को एकजुट करने का जिम्मा मिला हुआ है।
आसिम ने लीबिया में क्या कहा?
आसिम मुनीर ने लीबिया में कहा, “जब आप अपने भीतर के डर को निकाल फेंकते हैं, तो आप दुनिया में कोई भी चमत्कार करके दिखा सकते हैं और, अलहमदुलिल्लाह पाकिस्तान ने काफी पहले इस सबक को सीख लिया था। यही वजह है कि हम सब कुछ करेंगे, लेकिन हर हाल में अपनी तकनीक का विकास करेंगे। हमने हालही में भारत के साथ हुए युद्ध में अपनी तकनीक की ताकत को पूरी दुनिया को दिखाया था। पाकिस्तान के पास जो भी हथियार और तकनीक हैं। वह हमारे भाइयों के लिए हर तरह की मदद के तौर पर उपलब्ध रहेगी। आपको जिस तकनीक की जरूरत होगी, वो हम आपके दरवाजे पर मुहैया कराएंगे। इंशाअल्लाह। क्योंकि हमारे मजहब में सर्वशक्तिमान अल्लाह ने हमें कहा है कि जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, ताकत जुटाओ। अल्लाह ने हम मुसलमानों से कहा है कि हमको ज्यादा से ज्यादा ताकत के साथ तैयार रहना चाहिए, ताकि हम सीधे उन लोगों पर हमला करके उनके दिलों को दहला सकें, जो हम मुसलमानों और अल्लाह के दुश्मन हैं। हमें उन दुश्मनों पर भी हमले के लिए हमेशा तैयार रहना है जिन्हें भले ही हम ना जानते हों, मगर अल्लाह जानता है।”
आसिम की मजहबी बातों को खुद पाकिस्तान में ही मिला चैलेंज
आसिम मुनीर की मजहबी बातों को खुद पाकिस्तान में ही चैलेंज किया जा रहा है। पाकिस्तान की इस्लामिक पार्टी जमीयत उलेमा ए इस्लाम के मौलाना फ़ज़्लुर्रहमान ने आसिम मुनीर से पूछा कि अगर वो सच्चे मुसलमान हैं तो फिर एक मुसलमान मुल्क अफगानिस्तान पर क्यों अटैक करते हैं। मौलाना फज़्लुर्रहमान ने कहा कि जब पाकिस्तान, काबुल पर अटैक को जायज समझता है। तो अगर भारत भी मुरीदके और बहावलपुर में दहशतगर्दों के अड्डों को तबाह करता है, तो इसमें गलत क्या है।
मुनीर के लिए मुसीबत बने इमरान खान
वैसे आसिम मुनीर भले ही दुनियाभर में घूम-घूमकर इस्लाम का प्रचार कर रहे हों, उनकी असली मुसीबत तो रावलपिंडी की अडियाला जेल में कैद इमरान खान हैं। इमरान खान ने अपनी पार्टी को आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ के खिलाफ देशभर में आंदोलन करने का हुक्म दे दिया है। तहरीक-ए-इंसाफ के नेता पूरे मुल्क में घूम-घूमकर इस आंदोलन के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। PTI के नेता कह रहे हैं कि वो फौज की धमकियों से डरेंगे नहीं। जब तक आसिम मुनीर को हटा नहीं देते, तब तक रुकेंगे नहीं, लेकिन, शहबाज शरीफ की सरकार ने साफ-साफ कहा है कि अब अगले साल फरवरी तक इमरान खान को जेल में किसी से नहीं मिलने दिया जाएगा।
