बंगाल की राजनीति से किनारे चल रहे दिलीप घोष को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, 16 जगहों पर करेंगे जुलूस और रैली


बीजेपी नेता दिलीप घोष (file)- India TV Hindi
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बीजेपी नेता दिलीप घोष (file)

कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंश्चिम बंगाल दौरे के बाद बंगाल बीजेपी चुनाव से पहले फिर से नई ऊर्जा और उत्साह के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रही है। बीजेपी इसी महीने से ही प्रदेश में कई चुनावी कार्यक्रम करने जा रही है। बीजेपी सीनियर नेता दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पश्चिम बर्धमान के दुगार्पुर सहित 16 जगहों पर जुलूस और मीटिंग करेगी।

दरअसल, दिलीप घोष पिछले कई महीने से प्रदेश की राजनीति में एक्टिव नहीं हैं। ऐसी अफवाहें थी कि वह प्रदेश नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। हालांकि अब उनका समय बदलने वाला है। चुनाव से पहले दिलीप घोष राज्य की राजनीति में अब एक्टिव होने वाले हैं। 

अमित शाह सौंप सकते हैं बड़ी जिम्मेदारी

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिलीप घोष से संपर्क किया है ताकि उन्हें वापस पार्टी में बड़ी भूमिका में लाया जा सके। सूत्रों ने बताया कि बीजेपी जानती है कि उसे उस व्यक्ति की संगठनात्मक प्रतिभा की ज़रूरत है जिसने 2019 के सफल लोकसभा अभियान की कमान संभाली थी। 61 साल के दिलीप घोष पूर्व लोकसभा सांसद हैं और बंगाल की राजनीति के जाने-माने चेहरों में से एक हैं।

दिलीप घोष ने बीजेपी ऑफिस से मीडिया को किया संबोधित

काफी समय बाद बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद दिलीप घोष ने गुरुवार को सॉल्ट लेक में बीजेपी ऑफिस से मीडिया को संबोधित किया। बीजेपी में कई लोगों को याद नहीं था कि घोष ने आखिरी बार पार्टी ऑफिस से मीडिया को कब संबोधित किया था। मीडिया को संबोधित करते हुए घोष ने कहा कि पार्टी जो जिम्मेदारी उन्हें सौपेगी, उसे वह निभाएंगे। इस हफ्ते की शुरुआत में दिलीप को राज्य BJP के टॉप नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के ग्रुप में शामिल किया गया, जिन्होंने अमित शाह के साथ एक बंद कमरे में मीटिंग की।

कई महीने से राजनीति से किनारे चल रहे थे घोष

BJP के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि अमित शाह ने राज्य बीजेपी नेतृत्व को दिलीप घोष को पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करने का निर्देश दिया, जो कई महीनों से BJP की राजनीति से किनारे चल रहे थे। बंगाल बीजेपी नेतृत्व को शाह का संदेश था कि पुराने और नए नेता मिलकर काम करें और राज्य के वोटरों के सामने एक एकजुट चेहरा पेश करें। 





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