
कर्मचारियों की भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) सदस्य अब अपने ईपीएफ खाते से सीधे UPI के जरिये बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। श्रम मंत्रालय के एक शीर्ष सूत्र के अनुसार, यह नई सुविधा इस साल अप्रैल 2026 से शुरू हो जाएगी। यह बदलाव EPFO को बैंक-स्तरीय सुविधाएं देने और सदस्यों को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी, तेज निकासी व सरलीकृत प्रक्रिया प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सदस्यों को सलाह है कि वे अपने UAN को अपडेट रखें और आधिकारिक EPFO पोर्टल या ऐप पर नजर रखें। सूत्रों के मुताबिक श्रम मंत्रालय एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसमें EPF का एक निश्चित हिस्सा फ्रीज कर दिया जाएगा, और एक बड़ा हिस्सा यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) का इस्तेमाल करके उनके बैंक अकाउंट से निकालने के लिए उपलब्ध होगा।
नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
श्रम मंत्रालय एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसमें:
EPF बैलेंस का एक हिस्सा (न्यूनतम 25%) फ्रीज (लॉक) रहेगा, ताकि रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त राशि बनी रहे।
बाकी बड़ा हिस्सा (लगभग 75% तक) सदस्य सीधे अपने बैंक अकाउंट में UPI के जरिए निकाल सकेंगे।
सदस्य UPI ऐप्स या ATM के माध्यम से योग्य बैलेंस देख सकेंगे और UPI पिन डालकर सुरक्षित ट्रांसफर कर सकेंगे।
ट्रांसफर होने के बाद पैसा बैंक अकाउंट में आ जाएगा, जिसे UPI पेमेंट, ATM निकासी या अन्य तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सॉफ्टवेयर अपडेट और प्रमुख लाभ
EPFO अपने सॉफ्टवेयर में अपडेट कर रहा है ताकि यह सिस्टम बिना किसी गड़बड़ी के सुचारू रूप से चले।
यह सुविधा करीब 8 करोड़ EPFO सदस्यों को फायदा पहुंचाएगी।
वर्तमान में EPF निकासी के लिए फॉर्म भरना और इंतजार करना पड़ता है, जो समय लेने वाला है।
नई ऑटो-सेटलमेंट व्यवस्था के तहत क्लेम इलेक्ट्रॉनिक रूप से 3 दिनों में निपटाए जाएंगे।
ऑटो-सेटलमेंट की सीमा पहले ₹1 लाख थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है।
नया सिस्टम क्यों जरूरी?
यह बीमारी, शिक्षा, शादी, घर निर्माण जैसे जरूरी खर्चों के लिए तुरंत फंड उपलब्ध कराएगा।
COVID-19 के दौरान EPFO ने ऑनलाइन ऑटो-सेटलमेंट शुरू किया था, जिससे जरूरतमंदों को तेज मदद मिली।
हर साल 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम्स निपटाए जाते हैं, नए सिस्टम से EPFO का समय और कार्यभार काफी कम होगा।
EPF निकासी के नए नियम
योग्य EPF बैलेंस का 100% (कर्मचारी + नियोक्ता हिस्सा) निकासी के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन न्यूनतम 25% बैलेंस हमेशा खाते में रखा जाएगा।
EPFO की मौजूदा ब्याज दर 8.25% प्रति वर्ष है, जो कंपाउंडिंग के साथ रिटायरमेंट कॉर्पस बढ़ाने में मदद करती है।
पहले के 13 जटिल नियमों को सरल बनाकर सिर्फ 3 प्रमुख श्रेणियों में बदल दिया गया है:
- जरूरी जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, शादी)
- हाउसिंग जरूरतें
- विशेष परिस्थितियां
इससे 100% ऑटो-सेटलमेंट संभव होगा और ज्यादातर मामलों में कोई डॉक्यूमेंटेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
