गणतंत्र दिवस परेड में कितने राज्य शामिल हो रहे, क्या है थीम? जानें कार्यक्रम से जुड़ी अहम जानकारी


Republic day parade- India TV Hindi
Image Source : ANI
गणतंत्र दिवस परेड

गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में कुल 30 झाकियां शामिल होंगी, लेकिन इनमें दिल्ली की झांकी शामिल नहीं है। कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में 17 राज्यों में 13 केंद्र सरकार के विभागों की झांकियां शामिल होंगी। इस साल की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम एवं समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत’ है। इस बार परेड में दिल्ली की झांकी शामिल नहीं होगी। पिछले 20 साल में दिल्ली की झांकी सात बार परेड का हिस्सा रही है, लेकिन इस बार दिल्ली समेत 11 राज्यों की झांकी परेड में शामिल नहीं होगी।

रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग समिति परेड में झांकियों को शामिल करने के लिए विस्तृत चयन प्रक्रिया अपनाती है। इस समिति में अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकार और पद्म पुरस्कार विजेता शामिल होते हैं। पिछले दो सालों में बारी-बारी से सभी राज्यों को मौका देने की नीति अपनाई गई है, ताकि सभी राज्यों की झांकियां परेड में शामिल हो सकें। इस वजह से भी कई राज्यों की झांकियां परेड में शामिल नहीं हुई हैं।  

इन राज्यों की झांकियां होंगी शामिल

असम

छत्तीसगढ़
गुजरात
हिमाचल प्रदेश
जम्मू-कश्मीर
केरल
महाराष्ट्र
मणिपुर
नगालैंड
ओडिशा
पुडुचेरी
राजस्थान
तमिलनाडु
उत्तर प्रदेश
पश्चिम बंगाल
मध्य प्रदेश
पंजाब

केंद्र सरकार के इन विभागों की झांकियां लेंगी हिस्सा

वायु सेना मुख्यालय
नौसेना मुख्यालय
सैन्य मामलों के विभाग
संस्कृति मंत्रालय
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग
आयुष मंत्रालय
गृह मंत्रालय (एनडीएमए- एनडीआरएफ)
गृह मंत्रालय (बीपीआरडी)
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (सीपीडब्ल्यूडी)
सूचना और प्रसारण मंत्रालय
पंचायती राज मंत्रालय
विद्युत मंत्रालय
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

ये राज्य नहीं होंगी शामिल

अरुणाचल प्रदेश
मिजोरम
त्रिपुरा
सिक्किम
मेघालय
झारखंड
गोवा
दिल्ली
कर्नाटक
तेलंगाना
आंध्र प्रदेश

किस राज्य की झांकी में क्या खास?

पुडुचेरी की झांकी शिल्पकला सहित अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऑरोविले की परिकल्पना का जश्न मनाएगी, जबकि राजस्थान “रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श” के साथ बीकानेर की अनूठी स्वर्ण कला को सम्मानित करेगा। तमिलनाडु की भागीदारी आत्मनिर्भरता के माध्यम से समृद्धि पर केंद्रित होगी, जो आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को प्रतिध्वनित करती है। उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड की संस्कृति को उजागर करेगा, जबकि पश्चिम बंगाल भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का स्मरण करेगा। मध्य प्रदेश की झांकी भारतीय इतिहास की पूजनीय हस्ती देवी अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी, जबकि पंजाब श्री गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ मनाएगा।

Latest India News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *