
सांकेतिक तस्वीर
गुजरात सरकार ने कहा कि आने वाली जनगणना दो फेज में की जाएगी। इसकी शुरुआत घरों की गिनती से होगी, जिसे हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) कहा जाता है। इसके बाद जनसंख्या गणना (PE) होगी। शुक्रवार को सरकार ने कहा कि हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) का पहला फेज इस साल अप्रैल से सितंबर तक होगा, जबकि जनसंख्या गिनने का का दूसरा फेज फरवरी 2027 में होगा।
सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
राज्य सरकार ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें जनगणना एक्ट 1948 के सेक्शन 4 और जनगणना नियम 1990 के नियम 3 के अनुसार इस जरूरी प्रक्रिया को करने के लिए जनगणना अधिकारियों को नियुक्त किया गया था। सरकार ने कहा कि जनगणना अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वे अपनी ड्यूटी ईमानदारी और ज़िम्मेदारी से निभाएंगे ताकि यह प्रक्रिया आसानी से, सही तरीके से और तय समय में पूरी हो सके।
लोगों से हिस्सा लेने की अपील
गुजरात सरकार ने जनगणना को देश का सबसे बड़ा एडमिनिस्ट्रेटिव और स्टैटिस्टिकल काम बताया है। लोगों से अधिकारियों को पूरा सहयोग देने और इस प्रोसेस में एक्टिव रूप से हिस्सा लेने की अपील की है।
इन तारीखों में होगा जनगणना का प्रॉसेस
सरकार की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘भारत सरकार के 7 जनवरी को जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, गुजरात सरकार ने HLO करने का समय फिर से नोटिफाई किया है। 2 फरवरी के एक राज्य नोटिफिकेशन के मुताबिक, हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए फील्डवर्क 20 अप्रैल से 19 मई, 2026 तक किया जाएगा। फील्डवर्क शुरू होने से पहले 5 अप्रैल से 19 अप्रैल, 2026 तक 15 दिनों के लिए एक सेल्फ़-एन्यूमरेशन (SE) एक्सरसाइज़ की जाएगी।’
डिजिटल सेल्फ़-एन्यूमरेशन फ़ेज़ घर-घर सर्वे से पहले होगा। इसका मकसद लोगों की भागीदारी को आसान बनाना और डेटा की एक्यूरेसी को बेहतर बनाना है। सेल्फ-एन्यूमरेशन के समय के दौरान लोगों को अपनी जानकारी डिजिटल रूप से जमा करने का मौका मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से प्रोसेस और ज़्यादा आसान और सबको साथ लेकर चलने वाला बनने की उम्मीद है।
बेसिक सुविधाओं का डेटा इक्ट्ठा किया जाएगा
सेल्फ-एन्यूमरेशन फेज के बाद ट्रेंड एन्यूमरेटर फील्डवर्क के दौरान हर घर में जाकर सिस्टमैटिक तरीके से जानकारी इकट्ठा करेंगे। HLO फेज में घरों की हालत के साथ-साथ परिवारों के लिए मौजूद एसेट्स और बेसिक सुविधाओं पर डेटा इकट्ठा किया जाएगा। घर-घर सर्वे में पूरे राज्य के घरों को कवर किया जाएगा।
कॉन्फिडेंशियल रखी जाएगी सभी जानकारियां
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना के दौरान इकट्ठा की गई सभी जानकारी पूरी तरह से कॉन्फिडेंशियल रखी जाएगी और इसका इस्तेमाल सिर्फ स्टैटिस्टिकल मकसद के लिए किया जाएगा, जैसा कि जनगणना एक्ट 1948 के तहत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि जनगणना से मिला डेटा प्लानिंग और पॉलिसी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और गुजरात और देश दोनों के विकास की राह को बनाने में मदद करेगा।
