
इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।
ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट में 70 से ज्यादा देशों ने दिल्ली घोषणापत्र पर दस्तखत किए। भारत अमेरिका की तरफ से बनाए गए पैक्स सिलिका एलायन्स में शामिल हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया की 16 बड़ी टेक कंपनियों के CEOs के साथ मीटिंग की। टेक टपंनी DELL ने AI इंडिया ब्लूप्रिंट जारी किया। बेंगलुरु की कंपनी Blue ने स्वदेशी AI टूल लॉन्च किया। आंध्र प्रदेश सरकार ने AI के क्षेत्र में सात MOU साइन किए।
एक तरफ शुक्रवार को बड़े-बड़े काम हुए, दुनिया में भारत का मान बढ़ा लेकिन उसी दिन कांग्रेस ने AI समिट पर काला दाग भी लगा दिया। पूरी प्लानिंग के साथ युवा कांग्रेस के नेता समिट में घुसे, कपड़े उतारकर प्रोटेस्ट किया, मोदी और ट्रंप के खिलाफ नारे लगाये।
हालांकि रंग में भंग डालने वालों को वहां मौजूद आम लोगों ने ही पकड़ा, पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। प्रोटेस्ट करने वाले युवा कांग्रेस के नेता गिरफ्तार हुए, लेकिन कांग्रेस की इस घटिया हरकत की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।
समिट में मौजूद टेक्नोक्रेट्स ने इसकी आलोचना की। सवाल ये है कि क्या ये सब कांग्रेस आला कमान की इजाज़त से, उनकी सहमति लेकर किया गया? क्या किसी वैश्विक मंच को सियासत का अड्डा बनाना सही है? क्या कांग्रेस नरेन्द्र मोदी के विरोध में इतनी अंधी हो गई है कि उसे ये भी नहीं दिखता कि उसकी करतूतों से देश की छवि पर क्या असर पड़ेगा?
पुलिस ने FIR दर्ज की, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण हरि, बिहार यूथ कांग्रेस के सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजय कुमार और यूथ कांग्रेस के नेशनल कॉर्डिनेटर नरसिम्हा यादव को गिरफ्तार किया गया।
पता ये लगा है कि इन लोगों की प्लानिंग काले रंग के छाते लेकर जाने की थी, जिन पर मोदी के खिलाफ पोस्टर छपे हुए होते, लेकिन जब ये समझ में आया कि गेट पर चेकिंग के दौरान वो पकड़े जा सकते हैं, तो कपड़ों के अंदर स्टिकर छपी टी-शर्ट पहन कर जाने का प्लान बनाया गया। बीजेपी ने इस घटना के लिए सीधे राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन किया, राहुल का पुतला जलाया।
राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, योगी आदित्यनाथ, अश्विनी वैष्णव समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने कांग्रेस की निंदा की। योगी ने विधानसभा में कहा कि जिन लोगों ने ये हरकत की है, देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है, उनको जितनी सख्त से सख्त सजा दी जाए, वह कम है। पीयूष गोयल ने कहा कि ग्लोबल लीडर के तौर पर मोदी का बढ़ता कद कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हो रहा।
हैरानी की बात ये है कि कांग्रेस के नेता इस हरकत को सही ठहरा रहे हैं। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने का, सरकार का विरोध करने का हक़ सबको है, यूथ कांग्रेस के नेताओं ने अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल किया है।
कांग्रेस की इस हरकत से विपक्ष की पार्टियां भी खुश नहीं हैं। RJD के सांसद मनोज झा ने कहा कि भले ही आक्रोश कितना ज्यादा हो लेकिन प्रदर्शन के लिए सही जगह का चुनाव जरूरी है, कांग्रेस ने इंटरनेशनल समिट में शर्टलेस प्रदर्शन करके गलत किया।
कांग्रेस ने शर्ट उतार कर जो प्रदर्शन किया, उसमें हैरानी की कोई बात नहीं है, ये बदली हुई कांग्रेस के बदली हुई संस्कृति की निशानी है। इसकी एक झलक हमने थोड़े दिन पहले संसद में देखी थी जब प्रधानमंत्री को शर्मिंदा करने के इरादे से महिला सांसदों को आगे किया गया। आज कांग्रेस ने AI समिट में अपने कार्यकर्ताओं के कपड़े उतरवा दिए। ये निहायत ही शर्मनाक है क्योंकि AI समिट न मोदी का है, न बीजेपी का। मोदी की छवि को नुकसान करने के चक्कर में कांग्रेस ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया। ये कोशिश पूरी प्लानिंग, पूरे होश-ओ-हवास में की गई थी। इसलिए और भी खतरनाक है।
लोकतंत्र में प्रोटेस्ट करने का हक़ सबको है, लेकिन प्रोटेस्ट कहां और कैसे किया जाए, इसकी एक मर्यादा है। कांग्रेस के ये कर्ताधर्ता मोदी पर हमला करते करते भारत का नुकसान कर गए, मोदी और भारत के बीच का फर्क भूल गए। मोदी का विरोध करने के चक्कर में shirtless और shameless हो गए। पुराने कांग्रेसी मानते हैं कि ये हरक़त कांग्रेस की विरासत का भी अपमान है। (रजत शर्मा)
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