
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर छात्रों और दिल्ली पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई।
नई दिल्ली: दिल्ली में गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी यानी कि जेएनयू के छात्र संघ द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला किया, जबकि छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर काफी ज्यादा बल प्रयोग किया। इस झड़प में कई छात्रों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने लाठियां और जूते फेंके तथा हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने यह भी कहा कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को दांत भी ‘काट’ लिया गया।
कुलपति की टिप्पणियों के विरोध में प्रदर्शन
झड़प तब हुई जब छात्र यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर मार्च ले जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने मेन गेट पर उन्हें रोका और JNU छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत कई अन्य छात्रों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के एक बयान में कहा गया कि छात्रों ने JNU परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक एक ‘लॉन्ग मार्च’ निकालने का आह्वान किया था। यह मार्च यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर द्वारा हाल ही में एक पॉडकास्ट में UGC मानदंडों के क्रियान्वयन, JNUSU पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित रोहित अधिनियम पर की गई टिप्पणियों के विरोध में जारी प्रदर्शनों का हिस्सा था।

‘पुलिस ने काफी ज्यादा बल का प्रयोग किया’
छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पुलिस ने काफी ज्यादा बल का प्रयोग किया। इस चक्कर में कई छात्र घायल हुए और उनमें से कुछ को पुलिस द्वारा ‘अपुष्ट स्थानों’ पर ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि JNU प्रशासन ने पहले ही प्रदर्शनकारी छात्रों को सूचित कर दिया था कि परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। उन्हें यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर ही प्रदर्शन सीमित रखने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद लगभग 400-500 छात्र परिसर में जमा हो गए। पुलिस के मुताबिक दोपहर बाद करीब 3.20 बजे प्रदर्शनकारी मेन गेट से बाहर निकले और मंत्रालय की ओर बढ़ने की कोशिश की।
‘कुछ पुलिसकर्मियों को दांत काट लिया गया’
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘स्थिति बिगड़ने पर परिसर के बाहर लगाए गए बैरिकेड क्षतिग्रस्त हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और लाठियां फेंकीं, जूते फेंके और हमला भी किया। झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को दांत काट लिया गया। इससे मौके पर तैनात कई अधिकारी घायल हो गए। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को JNU कैंपस के नॉर्थ गेट पर रोका और धीरे-धीरे उन्हें अंदर धकेल दिया। हमने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। कुछ प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जो पूरी तरह निराधार है। वहां तैनात प्रत्येक अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगा हुआ था।’
JNUTA ने पुलिस द्वारा ‘बल प्रयोग’ की निंदा की
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ यानी कि JNUTA ने गुरुवार को जारी एक बयान में पुलिस द्वारा ‘बल प्रयोग’ की निंदा की। शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि कई छात्राएं और छात्र घायल हुए हैं। साथ ही JNUTA ने हिरासत में लिए गए लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और दावा किया कि कुछ को ‘अपुष्ट स्थानों’ पर ले जाया गया है। शिक्षक संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई छात्रों को मार्च करने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने से रोकने के उद्देश्य से की गई थी और उसने हिरासत में लिए गए सभी छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की।
