
शहीद जवान संजय बराला की फाइल फोटो, दूसरी तस्वीर उनके पिता और बेटे की है।
होली के रंगों और खुशियों के बीच झुंझुनूं जिले के बारी का बास गांव में उस समय मातम छा गया, जब भारतीय वायुसेना के सार्जेंट संजय बराला की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटी हुई उनके घर पहुंची। जिस दिन लोग एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी रहे थे, उसी दिन गांव अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा। रंगों के इस पर्व पर पूरा क्षेत्र आंसुओं से भीग गया।
पठानकोट एयर बेस पर सार्जेंट के पद पर तैनात थे संजय
संजय बराला, पुत्र सूबेदार मेजर प्रताप सिंह बराला, पठानकोट एयर बेस पर सार्जेंट के पद पर तैनात थे। देश सेवा के प्रति समर्पित संजय पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और मेडिकल लीव पर थे। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। होली के दिन जैसे ही उनकी पार्थिव देह गांव पहुंची, परिजनों का करुण क्रंदन सुन हर आंख नम हो गई।
तिरंगे में लिपटे बेटे को देख बेसुध हो गईं मां
घर के आंगन में तिरंगे में लिपटे बेटे को देखकर मां सावित्री देवी बेसुध हो गईं। पिता की आंखों में गर्व और गम दोनों साफ झलक रहे थे। पत्नी प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल था। 10 वर्षीय पुत्र पुनीत और 4 वर्षीय मासूम बेटी पूर्वी अभी यह भी ठीक से नहीं समझ पा रहे थे कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। बहन सुमन भी भाई की याद में फूट-फूटकर रो पड़ीं।
युवाओं ने निकाली तिरंगा यात्रा
चिड़ावा अनाज मंडी से पैतृक गांव तक युवाओं द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। सैकड़ों युवाओं, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने हाथों में तिरंगा लेकर अपने वीर जवान को अंतिम श्रद्धांजलि दी। “भारत माता की जय” और “वीर सपूत अमर रहे” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रास्ते भर लोगों ने पुष्पवर्षा कर अपने लाल को नमन किया।
होली के दिन इस दुखद खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोरा
गांव पहुंचने पर वायुसेना की टुकड़ी ने फ्लाइंग ऑफिसर शताक्षी भट्ट की अगुवाई में पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम सलामी के दौरान वातावरण बेहद भावुक हो उठा। जैसे ही तिरंगा परिजनों को सौंपा गया, वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। होली के दिन आई इस दुखद खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।
रंगों के इस त्योहार पर बारी का बास गांव ने अपने वीर सपूत को अश्रुपूरित विदाई दी। गांव की गलियों में एक ही स्वर गूंज रहा था- “देश के लिए जीने-मरने वाले वीर सपूत अमर रहें।”
सामने आया वीडियो-
इस दौरान भाजपा नेता राजेश दहिया, चिड़ावा थाने से कार्यवाहक थानाधिकारी कैलाश चंद्र, अमित भाटिया, अमित सिहाग, बाबूलाल, तहसीलदार रामकुमार पूनिया,, अरडावता सरपंच नरेश बराला, मुकेश बराला, डॉ. नरेंद्र तेतरवाल, विकाश पायल, सारी सरपंच उमेद बराला, अनिल कसवां, संजय लांबा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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