atique ahmed new suspects revealed from his register with codes । एक पंडित, एक तोता, एक बिल्ली, एक माया… पुलिस के हाथ लगी अतीक की Codeword वाली डायरी


atiq ahmed- India TV Hindi

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अतीक अहमद

लखनऊ: उमेश पाल मर्डर में अब शिकंजा अतीक अहमद की किचन कैबिनेट पर कस दिया गया है। वैसे तो अब तक सिर्फ डॉन की बेगम यानी शाइस्ता परवीन ही STF की रडार पर थी लेकिन अब अतीक की बहन आयशा नूरी पर पुलिस का फंदा कस गया है। जहां शाइस्ता पर इनाम की रकम बढ़ाकर 50 हजार कर दी गई है। वहीं, अतीक की बहन आयशा भी उमेश पाल मर्डर में आरोपी बना दी गई है। एसटीएफ को पूरा शक है कि ये दोनों उमेश पाल मर्डर की असली साजिशकर्ता और राजदार है जिनके काम करने का तरीका बड़े बड़े गैंगस्टर भी चकरा जाए और यही वजह है कि 38 दिन बाद भी एसटीएफ की रेंज से बाहर हैं।

गुर्गों का सीक्रेट कोड


इस बीच एसटीएफ ने अतीक अहमद के घर से मिले रजिस्टर के कोड को डिकोड कर दिया है जिसमें कई नाम है। किसी का नाम मैडम है तो कोई पंडित, तो किसी का नाम तोता है, किसी को माया नाम दिया गया है। एसटीएफ ने ऐसे कई नामों को डिकोड कर दिया हैं लेकिन पुलिस ने जिस मैडम कोड को डिकोड किया है उसका खुलासा चौंकाने वाला है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आयशा नूरी को डॉन की फैमिली ने मैडम नाम का कोड दिया था। रजिस्टर में आयशा के पति अखलाक अहमद का कोड डॉक्टर था, वही शाइस्ता परवीन को पहले गॉड मदर का कोड दिया गया लेकिन पकड़े जाने के डर से उसका नाम बदलकर साईं बाबा भी रखा गया था ताकि किसी का शक शाइस्ता की तरफ न जाए। रजिस्टर में लिखे कई कोड वर्ड पर अभी भी डिकोड किया जा रहा है जिसमें  पंडित, तोता, बिल्ली, माया, शेरू रसिया जैसे नाम है।

नूरी ने शूटरों को फरार कराने में अहम भूमिका निभाई

अतीक की बहन आयशा नूरी को भी उमेश पाल मर्डर में आरोपी है। एसटीएफ के पास पुख्ता सबूत है कि नूरी ने शूटरों को फरार कराने में अहम भूमिका निभाई है। सीसीटीवी में सबूत के आधार पर मेरठ में इसके पति डॉक्टर अखलाक को गिरफ्तार किया गया था जिसमें बमबाज गुड्डू मुस्लिम आयशा के घर पहुंचा था उसके पति से गले मिला था और उसे 50,000 की मदद आयशा ने की थी।  

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भतीजे असद और बमबाज गुड्डू मुस्लिम की मदद करने का खुलासा

एसटीएफ के रडार पर शाइस्ता और नूरी उस दिन से आ गई थी जब उमेश पाल मर्डर के बाद शाइस्ता का सीसीटीवी शूटरों के साथ सामने आया था लेकिन आयशा के सबूत पुलिस को अब मिले हैं जिसमें भतीजे असद और बमबाज गुड्डू मुस्लिम की मदद करने का खुलासा हुआ है। इस खुलासे से पहले आयशा नूरी का जिक्र तब हुआ था जब वो अतीक के वकील के साथ साबरमती से सड़क के रास्ते अतीक अहमद के काफिले के पीछे पीछे प्रयागराज की नैनी जेल पहुंची थी। जिस तरह से शाइस्ता और आयशा की मिनट टू मिनट इन्वॉल्वेमेंट नजर आ रही है उससे एसटीएफ को लग रहा है कि इनके पकड़े जाने के बाद असद भी मिल जाएगा। गुड्डू मुस्लिम भी,शूटर गुलाम भी  साबिर भी अरमान भी क्योंकि मददगार ये हैं और राजदार भी।

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