जोशीमठ में हालात हो रहे खतरनाक, जमीन धंसने से मंदिर धराशायी, दरार वाले मकानों की संख्या 600 के पार-The situation in Joshimath is becoming dangerous, the temple collapsed due to land subsidence


जोशीमठ में हालात हो रहे खतरनाक- India TV Hindi

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जोशीमठ में हालात हो रहे खतरनाक

जोशीमठ में भू धंसाव के चलते खतरा और बढ़ता जा रहा है। मकान में आ रही दरार की खबरों के बीच एक मंदिर के धंसने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जोशीमठ में मंदिर धराशायी होकर मकान पर गिरा है। वहीं दरार पड़ने वाले मकानों की संख्या बढ़कर 600 से भी ज्यादा हो गई है। कई मकानों में दरारें चौड़ी होने से लोग दहशत में हैं। ये दरारें किसी बड़ी अनहोनी की आहट दे रही है। 

उत्तराखंड के शहर जोशीमठ में अब तक 603 मकानों में दरारें आ चुकी हैं। 100 से ज्यादा घर में हालात खतरनाक हो चुके हैं। 3000 से ज्यादा लोगों के आशियानों पर  खतरा पैदा हो गया है। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। उत्तराखंड के शहर जोशीमठ में जमीन धंसने का सिलसिला लगातार जारी है। बेतरतीब निर्माण,जल रिसाव और मिट्टी का कटाव लोगों के लिए आफत बन गया है।

इस बीच आज 6 जनवरी को भूस्खलन की वजह से एक मंदिर धंस गया। बताया जा रहा है कि सिंहधार वार्ड में यह पहला मामला है। कारण, अभी तक सिर्फ दीवारों में दरारें ही आई थीं, लेकिन अब मंदिर गिरने से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं दिन प्रति दिन यहां घरों में दरारें बढ़ती जा रही हैं। अब तक 603 घरों में दरारें आ गई हैं. कई घर गिरने की कगार पर हैं।

कई परिवारों को किया गया शिफ्ट

इसके चलते शुक्रवार को भी प्रशासन द्वारा 6 और परिवारों इलाके से शिफ्ट किया गया है। इसके बाद यहां से अब तक 44 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा चुका है। इनके घर पूरी तरह से धराशायी होने की स्थिति में हो गए हैं। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और फर्श तक धंस चुके हैं।

उधर, जोशीमठ में जमीन धंसने की घटनाओं और घरों में दरार ने सरकार के माथे पर बल ला दिया है। सीएम पुष्कर धामी ने उच्च स्तरीय बैठक की। इस बीच जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिन लोगों के घर खतरे की जद में हैं या रहने योग्य नहीं हैं, उन्हें अगले 6 महीने तक किराए के मकान में रहने के लिए 4000 रुपये प्रति परिवार सहायता दी जाएगी। लोगों को यह मदद मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेगी।

जोशीमठ में बनेगा अस्थायी पुनर्वास केंद्र, सीएम ने दिए निर्देश

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिया है कि तत्काल सुरक्षित स्थान पर एक बड़ा अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाया जाए। उन्होंने जोशीमठ में सेक्टर और जोनल वार योजना बनाने का निर्देश देने के साथ ही तत्काल डेंजर जोन को खाली कराने को भी कहा है। उन्होंने जल्द से जल्द आपदा कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली ज़िले के जोशीमठ में भूस्खलन और मकानों में दरार के संबंध में राज्य सचिवालय में शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा- निकट भविष्य में पुनर्वास की क्या नीति होगी उन पहलुओं पर बात हुई। लोगों की हर संभव मदद की जाएगी। जान माल की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। हम अध्ययन भी कर रहें हैं कि पानी का रिसाव कहां से हो रहा है। विभिन्न संस्थानों की मदद ली जा रही है। 

इस बीच राज्य सरकार ने अब एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की एक टीम को तैनात कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी, चमोली, एलएन मिश्रा ने बताया-सतर्क रहना महत्वपूर्ण है क्योंकि क्षेत्र में भू-धंसाव देखा जा रहा है। चमोली प्रशासन ने शहर में और उसके आसपास सभी निर्माण गतिविधियों पर बृहस्पतिवार को प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा करीब 50 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 

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