India’s rapid progress in steel industry Indian economy get booster dose in fy 2022-23 | स्टील इंडस्ट्री में भारत की तेजी से हो रही तरक्की, इंडियन इकोनॉमी को मिलेगी बूस्टर डोज


Steel Industry in India- India TV Paisa
Photo:FILE Steel Industry in India

Steel Industry Indian Economy: इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) के अनुसार, भारत में स्टेनलेस स्टील की खपत पिछले वित्त वर्ष में लगभग 10% बढ़कर 40 लाख टन तक पहुंच गई है। रेलवे, प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और आर्किटेक्चर, भवन एवं निर्माण (एबीसी) जैसे क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल धातु की बढ़ती मांग के कारण भारत में स्टेनलेस स्टील की प्रति व्यक्ति खपत 2.5 किलोग्राम से बढ़कर 2.8 किलोग्राम हो गई है। ये आंकड़े ऐसे समय पर आए हैं, जब वैश्विक स्तर पर स्टेनलेस स्टील का उत्पादन साल 2022 से  5.2% गिरकर 5.52 करोड़ टन रह गया। साल 2021 में यह आंकड़ा 5.82 करोड़ टन था।

स्टील इंडस्ट्री के ग्रोथ पर सरकार का फोकस

इंडस्ट्री एसोसिएशन ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले पहले इंडिया स्टेनलेस स्टील एक्सपो (आईएसएसई) 2023 के उद्घाटन के मौके पर एक आंकड़ा जारी किया जिसके मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-2022 की तुलना में वित्त वर्ष-23 में स्टील की खपत 36.2 टन से बढ़कर 39.5 टन हो गई है। आने वाले समय में यह इंडस्ट्री भारतीय इकोनॉमी के लिए बूस्टर डोज का काम करेगी। क्योंकि जितनी तेजी से स्टील की मांग बढ़ेगी, वह इस बात को सुनिश्चित करेगा कि देश में इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है और वह रोजगार पैदा कर रहा है। जो हमारी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा। इससे लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा है।  केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री कुलस्ते ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्टेनलेस स्टील देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

स्टील की मदद से होगा यह काम

भारत सरकार इस क्षेत्र की चिंताओं पर ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्टेनलेस स्टील की मदद से हम प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण कर सकते हैं, ऊर्जा की खपत कम कर सकते हैं, अपशिष्ट कम कर सकते हैं और अधिक वहनीय और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य में योगदान कर सकते हैं। इस विषय पर भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय में सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा कि इंडियन स्टेनलेस स्टील एक्सपो (आईएसएसई) 2023 एक व्यापक सम्मेलन है जो कि सभी संबंध पक्षों को एक मंच पर एकत्रित किया है। 

सरकार ने ढांचागत विकास पर ज़ोर दिया है जो स्टेनलेस स्टील उद्योग के लिए एक संभावित बाज़ार साबित होगा। वास्तुकला, भवन एवं निर्माण (एबीसी), रेलवे कोच निर्माण ने स्टील की मांग बढ़ा दी है। उन्होंने भी यह कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा, एथनॉल आदि को शामिल करने वाले विकास के नए क्षेत्र आने वाले वर्षों में स्टेनलेस स्टील की मांग को और बढ़ाएंगे।

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