
बांबे हाई कोर्ट
मुंबईः बांबे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक पूर्व विधायक के बेटे की रिट याचिका को खारिज करते हुए 9 साल के बच्चे की कस्टडी उसकी मां को सौंप दिया। लाइव लॉ की वेवसाइट के मुताबिक न्यायमूर्ति राजेश पाटिल ने अपने आदेश में कहा कि अवैध संबंध तलाक का आधार हो सकता है लेकिन बच्चे की कस्टडी लेने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि महिला का एक अच्छी पत्नी नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि वह एक अच्छी मां नहीं है।
अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के जनवरी 2024 के उस फैसले पर भरोसा किया, जिसने एक पत्नी के विवाहेतर संबंध के आरोप साबित होने के बावजूद बच्चे की पिता को न सौंप कर उसकी कस्टडी को सौंप दिया था। फैमिली कोर्ट से याचिका खारिज के बाद पूर्व विधायक के बेटे ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
