रजत शर्मा का ब्लॉग | भारत-चीन की सहमति: दुनिया सीख ले इनसे


Rajat Sharma Blog, Rajat Sharma Blog Latest, Rajat Sharma- India TV Hindi

Image Source : INDIA TV
इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

इस साल दीवाली के दिन भारत-चीन सीमा पर माहौल थोड़ा बदला हुआ होगा। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर साढ़े चार साल बाद दोनों देशों की पेट्रोलिंग फिर से शुरू होगी। सीमा पर सैनिकों का जमावड़ा भी कम होगा क्योंकि सीमा पर शान्ति का समाझौता होने के बाद LAC पर भारत और चीन की सेना पीछे हटने लगी है। मंगलवार को भारत और चीन के लोकल सेना कमांडरों की मीटिंग हुई जिसके बाद 23 अक्टूबर से दोनों तरफ की सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरु हो गई। सबसे पहले दोनों सेनाओं ने डेपसांग और डेमचोक में अपने एक-एक टेंट हटाए, LAC पर जो अस्थायी ढांचे बनाए गए थे, उन्हें गुरुवार को तोड़ा गया। शुक्रवार सुबह से भारत और चीन के सैनिक LAC से पीछे हटने शुरू हो गए।

डेमचोक में भारतीय सेना के जवान चार्डिंग नाले से पश्चिम की तरफ़ पीछे हटे, वहीं चीन की सेना इस नाले से पूरब की तरफ़ पीछे हट रही है। डेमचोक में दोनों देशों ने अपने सैनिकों के लिए करीब एक दर्जन अस्थायी ढांचे बनाए थे, उन्हें तोड़ा जा रहा है। डेपसांग में चीनी सेना ने गाड़ियों के बीच तिरपाल लगाकर अपने सैनिकों को तैनात किया था चीनी सेना ने अपनी कुछ गाड़ियां पीछे हटाईं हैं। दोनों देशों ने डेपसांग और डेमचोक में सैनिकों की तैनाती में करीब 50 प्रतिशत की कमी की है। पीछे हटने की प्रक्रिया 28-29 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद, भारत और चीन के सैनिक अपने अपने इलाक़ों में पैट्रोलिंग करेंगे।

इससे पहले भारत और चीन दोनों ही एक दूसरे के सैनिकों के पीछे हटने का ज़मीनी स्तर पर सत्यापन करेंगे। यानी मौक़े पर जाकर देखेंगे कि सच में सैनिक पीछे हटें हैं या नहीं, गाड़ियां हटाई गई हैं या नहीं, और अस्थायी ढांचे तोड़े गए हैं या नहीं। ड्रोन से भी डिसएंगेजमेंट का वीडियो बनाया जाएगा ताकि दोनों देशों के कमांडर पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर सकें। दोनों सेनाओं के लोकल कमांडर्स दिन में दो बार एक दूसरे से बात करेंगे। फिर कोर कमांडर स्तर की बातचीत होगी। दो दिन पहले रूस के कज़ान में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई थी और दोनों नेताओं ने 62 साल पुराने सीमा विवाद के हल के लिए अपने अपने देश के विशेष प्रतिनिधियों को जल्द मुलाक़ात करके बातचीत करने को कहा था।

भारत के विशेष प्रतिनिधि अजित डोभाल हैं, जबकि चीन के विशेष प्रतिनिधि वहां के विदेश मंत्री वांग यी हैं।  पिछले हफ्ते तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि इस बार दिवाली पर हमारे जवान और अफसर चीन की सीमा पर पहले की तरह गश्त लगाएंगे। हमारे बहादुर जवान चीन की सीमा पर बिना किसी तनाव के दिवाली मनाएंगे। पिछले दो साल में चीन के सवाल पर नरेंद्र मोदी की खूब आलोचना की गई। कहा गया कि मोदी चीन से डरते हैं, चीन ने हमारी ज़मीन पर कब्जा कर लिया, मोदी ने चीन के सामने सरेंडर कर दिया। मोदी ने ऐसी किसी बात का जवाब नहीं दिया। वो उत्तेजित नहीं हुए। मोदी चुपचाप काम करते रहे, डिप्लोमेसी का इस्तेमाल किया, सैन्य  ताकत भी दिखाई। न चीन से डरे, न  चीन के आगे झुके।

मुझे तो ये भी लगता है कि मोदी ने चीन से संबंध सुधारने के लिए पुतिन से भी अपनी दोस्ती का थोड़ा बहुत फायदा उठाया होगा। पुतिन को भी सूट करता है कि भारत और चीन दोनों साथ रहें और रूस के साथ खड़े दिखाई दें, तभी वो अमेरिका के सामने एक बड़ी ताकत होने का दावा कर सकते हैं। अब हमारे यहां चीन की लाल आंख की बात करने वालों की आंखें लाल हो जाएंगी। चीन और भारत के रिश्ते सुधरे, तो राहुल को काफी मुश्किल होगी। उन्हें इस बात का अहसास होगा कि उन्होंने मोदी की बात मानने की बजाय चीन के दावों पर विश्वास किया। चीन के साथ समझौते की आज पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है कि किस तरह एशिया की दो बड़ी ताकतों ने आपसी विवाद को बातचीत से हल किया। यह यूरोप और मध्य पूर्व में चल रहे युद्धों को ख़त्म करने की दिशा में उदाहरण बन सकता है। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 25 अक्टूबर, 2024 का पूरा एपिसोड

Latest India News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *