
कोलंबिया में क्या बोले शशि थरूर?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार द्वारा अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों को दुनियाभर के दौरे पर भेजा गया है, ताकि पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर अलग-थलग किया जा सके। इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कोलंबिया की यात्रा पर पहुंचा है। इस बीच शशि थरूर ने बोगोटा में महात्मा गांधी की प्रतिमा को श्रद्धांजलि दी। साथ ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट के दूसरे आयोग के सदस्यों के साथ प्रतिनिधिमंडल ने बैठक की। इस दौरान शशि थरूर ने कहा, “हमें अभी भी महात्मा गांधी की भूमि से होने पर गर्व है। उन्होंने हमें अहिंसा और शांति का महत्व सिखाया और हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष का नेतृत्व भी किया और उन्होंने हमें अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने और भय से मुक्ति का महत्व सिखाया। हम स्वतंत्र रहेंगे और हम भय में नहीं रहेंगे। हम ताकत के साथ रहेंगे और यही हम चाहते हैं कि आप (कोलंबिया) समझें।”
शशि थरूर क्या बोले?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘हमने विदेश मंत्रालय से मुलाकात की, वरिष्ठ उप मंत्री ने हमारा स्वागत किया। हमारे पास कुछ अच्छी खबर थी। उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया है, जिससे हमें पहले निराशा हुई थी और वे हमारे रुख के लिए मजबूत समर्थन और हमारी स्थिति को समझने का बयान जारी करेंगे।’ बता दें कि इस दौरान शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने तादेओ लोजानो विश्वविद्यालय का दौरा किया और बोगोटा में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। बता दें कि इससे पहले शशि थरूर ने कोलंबिया सरकार से नाराजगी जताई थी और कहा था कि भारत में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के बजाय आपने आतंकवादियों के मरने पर संवेदना व्यक्त की। इससे दुखी हैं हम।
डेलीगेशन भेजने के पीछे का मकसद?
इसके बाद जब भारतीय सेना ने पलटवार करना शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह हो गए, जिसके बाद पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया। इसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क करके सीजफायर का प्रस्ताव रखा। सीजफायर पर सहमति बन गई लेकिन भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि आगे सिर्फ पाकिस्तान से पीओके और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बात होगी। दरअसल भारतीय डेलीगेशन को दुनियाभर में भेजने के पीछे का मकसद है पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर अलग-थलग करना।
दरअसल डेलीगेशन आतंकवाद के मुद्दे पर दुनियाभर में पाकिस्तान की पोल खोल रहा है ताकि पाकिस्तान को समर्थन ना मिले। साथ ही पाकिस्तान को वापस FATF की ग्रे लिस्ट में डाला जाए, ताकि पाकिस्तान को फंड्स ना मिले और मिले भी तो उसपर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी हो, ताकि पाकिस्तान आतंकवाद का वित्तपोषण ना कर सके। साथ ही आतंकवाद के मामले पर पाकिस्तान पर लगाम लगाई जा सके।
