रूसी तेल खरीदने पर NATO ने दी चेतावनी, भारत बोला- देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता


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Photo:AP डोनाल्ट ट्रंप ने दी थी 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी

नाटो के सेक्रेट्री जनरल मार्क रुट द्वारा भारत के रूस के साथ संबंधों को लेकर द्वितीयक प्रतिबंधों की धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, भारत ने गुरुवार को इस मामले में “दोहरे मानदंडों” के प्रति आगाह किया और जोर देकर कहा कि रूस से उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हितों और बाजार की गतिशीलता पर आधारित है। रुट ने भारत, चीन और ब्राजील को चेतावनी दी थी कि अगर वे रूस के साथ व्यापार करना जारी रखते हैं, तो उन पर द्वितीयक प्रतिबंधों का भारी असर पड़ सकता है।

‘देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “हमने इस मामले पर रिपोर्ट देखी हैं और घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। मैं दोहराना चाहता हूं कि हमारे लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कोशिश में हम बाजारों में उपलब्ध चीजों और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कदम बढ़ाते हैं। हम इस मामले में किसी भी दोहरे मानदंड (Double Standards) के प्रति विशेष रूप से आगाह करते हैं।”

डोनाल्ट ट्रंप ने दी थी 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी निर्यात पर 100 प्रतिशत टैरिफ और मॉस्को के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले किसी भी देश पर “द्वितीयक टैरिफ” लगाने की धमकी के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा, “हम इस संबंध में हो रहे घटनाक्रमों और बयानबाजी पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।” यूक्रेन पर आक्रमण के लिए मॉस्को पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद, भारत, चीन और ब्राजील रूसी कच्चे तेल के प्रमुख खरीदार रहे हैं।

भारी असर पड़ने की चेतावनी

रुट ने वाशिंगटन डीसी में संवाददाताओं से कहा, “इन तीनों देशों को मेरा विशेष रूप से ये प्रोत्साहन है कि अगर आप बीजिंग में रहते हैं, या दिल्ली में, या आप ब्राजील के राष्ट्रपति हैं, तो आप इस पर गौर करना चाहेंगे, क्योंकि इससे आप बहुत ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए कृपया व्लादिमीर पुतिन को फोन करें और उन्हें बताएं कि उन्हें शांति वार्ता के बारे में गंभीर होना होगा, क्योंकि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो भारत, ब्राजील और चीन पर इसका भारी असर पड़ेगा।”

ब्रिक्स के सदस्य हैं भारत, चीन और ब्राजील

नाटो प्रमुख की ये टिप्पणी ट्रंप द्वारा रूस को दी गई उस चेतावनी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने 50 दिनों के भीतर यूक्रेन के साथ शांति समझौता न करने पर रूस पर बड़े व्यापार प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। ट्रंप ने मंगलवार को कहा, “अगर 50 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम रूस पर बहुत कड़े टैरिफ लगाएंगे।” भारत, चीन और ब्राजील ब्रिक्स के सदस्य हैं और ट्रंप इस समूह की भी आलोचना करते रहे हैं।

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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