आखिर कौन हैं टीम इंडिया की ‘क्रांति’? इंग्लैंड में दिखा कमाल; ऐसा करने वाली बनी सिर्फ दूसरी भारतीय खिलाड़ी


Kranti Goud
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क्रांति गौड़

भारतीय महिला क्रिकेट टीम इंग्लैंड के दौरे पर खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज को हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में 2-1 से अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की। टीम इंडिया को आखिरी वनडे मैच में जीत दिलाने में 21 साल की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अहम भूमिका अदा की जिन्होंने इस मैच में कुल 6 विकेट अपने नाम किए। क्रांति की इनस्विंग गेंदों के आगे इंग्लैंड महिला के खिलाड़ी पूरी तरह से बेबस नजर आए।

आसान नहीं था क्रांति के लिए टीम इंडिया तक का सफर

क्रांति गौड़ के लिए भारतीय महिला टीम के लिए खेलने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था, बीसीसीआई की तरफ से जारी किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी को बयां किया। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से आने वाली क्रांति ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, जिसमें उनके परिवार को एक बार पड़ोसियों से खाना उधार लेना पड़ा था और उसे वापस करने का वादा करना पड़ा था। क्रांति ने टेनिस बॉल से खेलना शुरू किया था जिसमें वह लड़कों के साथ खेलती थी और जहां कोई भी स्पिन गेंदबाजी नहीं करता था, इसलिए उन्होंने भी अपना पूरा ध्यान तेज गेंदबाजी की ही तरफ लगाया।

हार्दिक पांड्या को फॉलो करती थी क्रांति

अपने इस बयान में क्रांति ने बताया कि वह हार्दिक पांड्या को काफी फॉलो करती है, जिसमें जब उन्होंने तेज गेंदबाजी की शुरुआत की थी, तब वह हार्दिक पांड्या के गेंदबाजी वीडियो देखती हैं और उन्हीं की तरह बॉलिंग करने का प्रयास किया। बता दें कि क्रांति ने सभी का ध्यान अपनी तरफ उस समय खींचा जब महिला वनडे ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में उन्होंने चार विकेट हासिल करने के साथ प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया था।

इस मामले में क्रांति बनी सिर्फ दूसरी खिलाड़ी

इंग्लैंड में वनडे में क्रांति गौड़ सिर्फ दूसरी ऐसी भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं, जो किसी मुकाबले में 5 या उससे अधिक विकेट लेने में कामयाब हुई हैं। इससे पहले टीम इंडिया की पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने साल 2011 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैच में साउथगेट में 31 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे। वहीं वनडे फॉर्मेट में क्रांति सिर्फ चौथी ऐसी खिलाड़ी हैं, जो 6 विकेट अपने नाम कर सकी हैं। इस लिस्ट में दीप्ति शर्मा ने जहां 2 बार ये कारनामा किया है तो वहीं ममता माबेन और झूलन गोस्वामी ने एक-एक बार ये कारनामा किया है।

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