
बिहार की सियासत में आज का दिन गहमागहमी से भरा रहा।
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का दिन करीब आते जाने के साथ ही सियासी दलों ने अपना कैंपेन तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को साफ कर दिया कि नीतीश कुमार ही NDA के मुख्यमंत्री चेहरा हैं और रहेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीवान में RJD पर तीखा हमला बोला। महागठबंधन की बात करें तो तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी के साथ रैलियां कीं, जबकि असदुद्दीन ओवैसी ने तेजस्वी की समझदारी पर सवाल उठाए। एक तरह से देखा जाए तो बिहार की सियासत में आज का दिन गहमागहमी से भरा रहा।
अमित शाह ने तेजस्वी के दावों की हवा निकाली
अमित शाह ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार वर्तमान मुख्यमंत्री हैं और आगे भी रहेंगे, इसमें कोई कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए। बता दें कि RJD नेता तेजस्वी यादव बार-बार पूछ रहे थे कि NDA अपना CM फेस क्यों नहीं बताता। तेजस्वी के सीएम उम्मीदवार होने पर तंज कसते हुए शाह ने कहा, ‘न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी।’ उन्होंने लालू यादव और सोनिया गांधी पर परिवारवाद का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि एक अपने बेटे को CM, और एक PM बनाना चाहते हैं, लेकिन उनकी यह तमन्ना पूरी नहीं होगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने नीतीश के 20 साल के काम गिनाते हुए लालू राज में हुए घोटालों की बात की।
सीवान में सुनाई दी योगी आदित्यनाथ की दहाड़
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सीवान के रघुनाथपुर में एक बड़ी रैली को संबोधित किया। रैली स्थल पर पहले ही बुलडोजर खड़े कर मैसेज दिया गया कि NDA की सरकार बनी तो यूपी की तरह बिहार में अपराधियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलेगा। बता दें कि यह सीट RJD का गढ़ है, जहां से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब RJD कैंडिडेट हैं। योगी ने कहा, ‘सनातन से नफरत और अपराधियों से मुहब्बत करने वालों की दाल बिहार में नहीं गलेगी। शहाबुद्दीन की विरासत आगे बढ़ाने वाली RJD कभी नहीं जीतेगी।’ रघुनाथपुर सीट नंबर 108 है, जो सनातन में शुभ माना जाता है। योगी ने इसे असुर और अशुभ से दूर रखने की अपील की।
योगी ने लालू और कांग्रेस पर साधा निशाना
योगी ने कहा कि जो प्रभु राम को काल्पनिक बताते थे, रामरथ रोकते थे, पूछते थे मंदिर कब बनेगा, वे आज मुंह छुपाते घूम रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘बिहार के सनातनी ऐसे विरोधियों को सपोर्ट नहीं करेंगे। लालू ने रामरथ रोका, मोदी ने राम मंदिर बनवाया। RJD-कांग्रेस दोनों करप्शन की आदत से दूर नहीं रह सकते। एक लालटेन की रोशनी धीमी करके चारा खाता है, दूसरा हाथ की सफाई दिखाता है। ‘ठगबंधन’ को सत्ता से दूर रखो।’ बता दें कि योगी की बिहार में अब तक 6 रैलियां हो चुकी हैं। उन्हें NDA की कमजोर सीटों पर भेजा जा रहा है।
तेजस्वी-राहुल की रैली में वादों की झड़ी
वहीं, तेजस्वी यादव ने आज सिर्फ खुद पर फोकस किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे एक मौका दीजिए, 20 महीने में बिहार बदल दूंगा। पलायन रोकूंगा, नौकरियां भरमार होंगी, पैसों की बारिश होगी।’ RJD नेता ने कहा कि अगर उनकी परछाई ने भी अपराध या भ्रष्टाचार किया तो नहीं बख्शेंगे, और बिहार को क्राइम एवं करप्शन फ्री बनाएंगे। राहुल गांधी दो महीने बाद बिहार आए और दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर में तेजस्वी के साथ रैली की, लेकिन नया कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि BJP ने महाराष्ट्र-हरियाणा में वोट चोरी से चुनाव जीता, और बिहार में भी तैयारी कर रही है। मोदी इलेक्शन प्रोसेस खत्म करना चाहते हैं।
राहुल के बयानों पर BJP का पलटवार
राहुल गांधी ने रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक ऐसा बयान दे दिया जिसके बाद NDA के नेताओं ने उन पर जमकर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मोदी बड़े वादे करेंगे, जनता कहेगी ‘नाचो तो नाचेंगे’, लेकिन बाद में बिजनेसमैन के लिए काम करेंगे। वहीं, राहुल गांधी ने छठ को लेकर बीजेपी की तैयारियों पर भी तंज कसा। कांग्रेस नेता के बयानों के बाद धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह, संजय झा, सम्राट चौधरी, रेखा गुप्ता और अमित मालवीय ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल ने न सिर्फ छठ का अपमान किया है बल्कि प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। NDA नेताओं ने कहा कि इसके लिए राहुल को बिहार वाले माफ नहीं करेंगे।
ओवैसी ने खोली तेजस्वी की पोल
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी सीमांचल पर फोकस कर रहे हैं, जहां मुस्लिम वोटर निर्णायक हैं। तेजस्वी ने वादा किया कि सरकार बनी तो बिहार में वक्फ एक्ट लागू नहीं होने देंगे, मुसलमानों के हक बचाएंगे, जिस पर ओवैसी ने कहा कि तेजस्वी को संविधान समझ नहीं है, और उन्हें वकील से सलाह लेनी चाहिए थी। ओवैसी ने कहा कि संसद से पास कानून को राज्य सरकार रद्दी की टोकरी में नहीं फेंक सकती। उन्होंने कहा कि तेजस्वी या तो नासमझ हैं या मुसलमानों को बेवकूफ बना रहे। बता दें कि ओवैसी 28 सीटों पर चुनाव लड़ रहे जिनमें से अधिकांश सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे गए हैं। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि यादव मलाई खाएगा, अब्दुल दरी बिछाएगा, अब ऐसा नहीं चलने देना है।
