
मानसून सत्र से पहले पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हुआ सदन
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र से पहले, सदन पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस हो गया है। अब से, सभी प्रक्रियात्मक कार्य डिजिटल रूप से संचालित होंगे। इस पहल के तहत, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में सभी विधायकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र दिया गया, जहां उन्हें संबंधित डिजिटल अनुप्रयोगों के उपयोग से परिचित कराया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इसमें भाग लिया।
दिल्ली की सीएम का सामने आया बयान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। पहली बार विधानसभा को पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित बनाया गया है। बिजली की सारी खपत को ग्रीन एनर्जी से जोड़ा गया है। इसी तरह, ई-विधान करके पूरी विधानसभा को पेपरलेस बनाया गया है। पिछली सरकारों ने न तो इसके बारे में सोचा और न ही कुछ किया। दिल्ली सरकार आगे नई नीतियां और सुधारों पर काम करेगी और दिल्ली की जनता को बेहतर सुविधाएं देगी।”
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का सामने आया बयान
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा, “आज दिल्ली विधानसभा में ई-विधान की एक परियोजना शुरू की गई, इसका एप्लीकेशन शुरू हो गया। इससे विधायकों की कार्य पद्धति में तेजी से सुधार आएगा, कार्यक्षमता बढ़ेगी। किसी को कोई भी चीज रियल टाइम में देखनी हो तो देख सकेगा, ऑनलाइन एप्लीकेशन के बाद कोई भी रिसर्च करनी हो तो कर सकेगा।”
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष का बयान सामने आया
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि यह देश की पहली विधानसभा है जो 100% सौर पर प्रकाशवान हुई है। इसी योजना के साथ हमने इसे सौर से प्रकाशवान किया है। आज इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन था। इससे हम वायुमंडल को साफ हवा देने में कामयाब होंगे।”
