
चाइनीज मांझा
आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपको भी बचपन के दिन याद आते होंगे। मन करता होगा, एक बार फिर से पतंग उड़ाएं। पतंग उड़ाना ऐसा खेल है जो हमें आजादी और खुशी का एहसास कराता है। आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें हमें बचपन की खुशियां लौटाती हैं, लेकिन दिक्कत ये है कि पतंग की यही डोर अब चाइनीज मांझे में बदल गई है। सूती धागे की जगह प्लास्टिक का धागा इस्तेमाल होने लगा है और इसका नतीजा ये हुआ कि सुंदर और उम्मीदों से भरा बचपन का ये खिलौना अब मौत की डोर बन गया है। जो जिंदगी की डोर बेरहमी से काट रहा है। चाइनीज मांझा न सिर्फ इंसानों की जान ले रहा है बल्कि पक्षियों के लिए भी मौत बन रहा है।
हाल ये है कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘चाइनीज मांझे’ को लेकर दिल्ली पुलिस को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है। दिल्ली-राजस्थान-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में चाइनीज मांझा बैन है। लेकिन इसके बावजूद आये दिन पतंग की डोर से घायल होने और जान जाने की खबरें आती रहती हैं। चाइनीज मांझे से कई घरों के चिराग बुझ रहे हैं को वहीं परिंदों की उड़ान भी रोक रहा है। ऐसे में जरूरत है थोड़ा सेंसेटिव होने की, ताकि आपकी खुशी दूसरों के लिए मुसीबत ना बन जाए।
15 अगस्त पर पगंत उड़ाएं लेकिन चाइनीज मांझे से बचें
दिल्ली पुलिस की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि आजादी जश्न मनाना है तो पतंग जरूर उड़ाएं, लेकिन सूती मांझे वाले मांझे से, चाइनीज मांझे से नहीं। पतंग उड़ाने में सिंथेटिक मांझे का प्रयोग न करें। ताकि हादसों का सिलसिला खत्म हो और जीवन की डोर मजबूत बनी रहे।
क्यों खतरनाक है चाइनीज मांझा?
आपको बता दें पिछले कुछ सालों में मांझे से कटने से लोगों की मौत और पक्षियों के मरने के मामले तेजी से बढ़े हैं। खासतौर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोग पतंग उड़ाने के लिए छतों पर इकट्ठा हो जाते हैं। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट की रिपोर्ट की मानें तो मांझे से कटने के 70% शिकार टू व्हीलर वाले होते हैं वहीं 5000 से ज्यादा पक्षी हर साल जान गंवाते हैं। हाई टेंशन इलेक्ट्रिक तारों से टकराकर करंट का खतरा बढ़ जाता है। चाइनीज मांझामिट्टी-पानी में 50 साल तक नहीं गलता जो खतरनाक है।
कैसे बनता है चाइनीज मांझा?
नायलॉन-सिंथेटिक धागे पर कांच और मेटल पाउडर की कोटिंग वाले चाइनीज मांझे होते पक्के हैं। इससे बड़ी तेजी से दूसरों की पतंग भी कटती हैं, लेकिन ये जानलेवा भी हैं। चाइनीज मांझा ब्लेड से भी तेज होता है। ये प्लास्टिक से बना और मैटेलिक कोटिंग से तैयार होता है। चाइनीज मांझा प्लास्टिक के धागे जैसा होता है। इसे नायलॉन और मैटेलिक पाउडर से तैयार किया जाता है। इसमें एल्युमिनियम ऑक्साइड और लेड मिलाते हैं और फिर मांझे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है। जिससे ये बहुत खतरनाक हो जाता है। चाइनीज मांझा खींचने पर टूटने की बजाय स्ट्रेच हो जाता है।
चाइनीज मांझे से कैसे बचें?
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पतंग उठाने के समय लोगों को खासतौर से बाइक सवारों को हेलमेट जरूर पहनना चाहिए।
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अपने चेहरे और गर्दन को पूरी तरह से कवर करने की सलाह दी जाती है।
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बाइकर्स को एंटी-चाइनीज मांझा गार्ड लगाना चाहिए।
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बच्चों को भी चाइनीज मांझे को छूने से बचने की सलाह दें।
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पैदल चलने वालों को अलर्ट रहना चाहिए और गर्दन के कवर करके रखें।
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ज्यादातर मामलों में चाइनीज मांझे से गला कटने के केस आते हैं।
