पूरा हिमाचल ‘आपदाग्रस्त’ घोषित, कब तक रहेगा लागू, क्या अब केंद्र सरकार अतिरिक्त पैसा देगी?


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हिमाचल के कुल्लू में भारी मानसूनी बारिश के बाद ब्यास नदी उफान पर है।

शिमला: देशभर में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बाढ़ और बारिश का कहर जारी है। हिमाचल प्रदेश में लगातार तबाही हो रही है। आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा को बताया कि पूरे हिमाचल प्रदेश को ‘आपदाग्रस्त’ घोषित कर दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्य जोर-शोर से जारी हैं। सीएम ने कहा कि जब तक बारिश का दौर चलता रहेगा तब तक हिमाचल आपदा प्रभावित राज्य रहेगा। मौसम सामान्य होने पर इस आदेश को वापस लिया जाएगा। 

क्या होता है आपदा घोषित राज्य?

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सुक्खू सरकार ने आपदा क्षेत्र घोषित करने और डिजास्टर एक्ट लागू करने करने के निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि किसी भी राज्य को आपदा प्रभावित घोषित करने पर केंद्र सरकार वित्तीय मदद देती है। इस दौरान राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के अलावा अतिरिक्त पैकेज भी केंद्र से मिल सकता है और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री, मुआवजा, अस्थायी आश्रय और स्वास्थ्य सुविधाएं भी दी जाती हैं। मकानों, सड़कों, पुलों, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाती हैं। इसके अलावा अफवाहें फैलाने पर सरकार आपदा प्रबंधन कानून के तहत लोगों पर केस दर्ज करवा सकती है।

मणिमहेश की यात्रा कर रहे 10 हजार श्रद्धालुओं को बचाया

सुक्खू ने सदन में अपनी ओर से दिए एक बयान में कहा कि चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा के रास्ते में फंसे 15,000 तीर्थयात्रियों में से 10,000 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया और हालात पर नजर रखी जा रही है। सीएम ने कहा, “बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से 3,560 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सबसे ज्यादा नुकसान सड़कों, पुलों, पानी और बिजली आपूर्ति प्रणालियों को हुआ है। मैंने (आपदा प्रभावित इलाकों का) हवाई सर्वेक्षण किया है।”

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।

कुल्लू-मंडी नेशनल हाइवे को खोलने का काम जारी

सुक्खू ने बताया कि चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग व चंबा-सलूनी-पादरी-जोत मार्ग का 25 किलोमीटर लंबा हिस्सा खोल दिया गया है और जम्मू व श्रीनगर से मणिमहेश यात्रियों को इसी रास्ते से भेजा जा रहा है। सुक्खू ने यह भी बताया कि वह चंबा जिला प्रशासन के साथ राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा कर रहे हैं। सुक्खू ने कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि कुल्लू-मंडी नेशनल हाइवे को खोलने का काम जारी है जबकि सड़कों पर फंसे किसानों के फल और सब्जियों को कुल्लू की ओर से भेजा जा रहा है।

CM ने और क्या बताया?

मुख्यमंत्री ने बताया कि ज्यादातर जगहों पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, पूरे कुल्लू जिले में दूरसंचार संपर्क स्थापित कर दिए गए हैं जबकि आदिवासी जिले लाहौल-स्पीति में मोबाइल नेटवर्क बहाल किया जा रहा है। सुक्खू ने यह भी बताया कि भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने केलांग में राशन गिराया जबकि एक बच्चे व एक गर्भवती महिला सहित पांच मरीजों को इलाज के लिए हवाई मार्ग से ले जाया गया। उन्होंने बताया कि लाहौल-रोहतांग-मनाली मार्ग खोल दिया गया है और प्रभावित लोगों को पका हुआ भोजन, सूखा राशन, कंबल और ‘स्लीपिंग बैग’ वितरित किए जा रहे हैं।

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