पंकज धीरः किताबों में कर्ण की जगह छपती थी तस्वीर, बस्तर के मंदिर में लगी प्रतिमा, इन किरदारों में भी फूंकी जान


Pankaj Dheer- India TV Hindi
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पंकज धीर का निधन

बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ को आज भी दर्शक भूल नहीं पाए हैं। बीते सालों में कई निर्माता महाभारत को छोटे पर्दे पर लेकर आए, लेकिन बीआर चोपड़ा के पौराणिक धारावाहिक की बराबरी नहीं कर सके। इस धारावाहिक ने कई कलाकारों को पहचान दी, जिनमें से एक ‘कर्ण’ का किरदार निभाने वाले पंकज धीर भी थे। आज यानी 15 अक्टूबर 2025 को पकंज धीर ने हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर ने सभी को हैरान कर दिया है। सिंटा और महाभारत में अर्जुन के किरदार में नजर आए अभिनेता फिरोज खान ने पंकज धीर के निधन की पुष्टि की है। इस खबर से पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री शोक में है।

फिल्मी दुनिया में शुरुआत

यूं तो पंकज धीर को बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में निभाए कर्ण के किरदार के लिए जाना जाता है, लेकिन उन्होंने और भी कई दमदार किरदार निभाए हैं। पंकज धीर ने 1981 में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। सबसे पहले वह ‘पूनम’ में नजर आए, इसके बाद उन्होंने सौगंध, सनम बेवफा, सड़क, और आशिक आवारा जैसी फिल्मों में काम किया। वहीं टीवी की दुनिया में उन्होंने महाभारत के अलावा चंद्रकांता, महाभारत कथा, जी हॉरर शोः अनहोनी और कानून जैसे शोज में काम किया और सुर्खियों बटोरीं। महाभारत में कर्ण के अलावा चंद्रकांता में अपने किरदार राजा शिवदत्त के लिए भी उन्हें खूब सराहा गया।

स्कूल की किताबों में भी पंकज धीर की तस्वीरें

1988 में आए ‘महाभारत’ में दानवीर कर्ण का किरदार निभाकर पकंज धीर इस कदर मशहूर हो गए कि वह स्कूल की किताबों का भी हिस्सा बन गए। किताबों में कर्ण के तौर पर उन्हीं की तस्वीरें छपने लगी थीं। हालांकि, ये बात और है कि पंकज धीर महाभारत में कर्ण नहीं अर्जुन का किरदार निभाना चाहते थे। उन्होंने महाभारत में अर्जुन के किरदार के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन अपनी मूंछों के चलते वह ये किरदार गंवा बैठे।

मूंछों के चलते नहीं मिला अर्जुन का रोल

‘लहरें रेट्रो’ के साथ बातचीत में पकंज धीर ने खुलासा किया था कि वह पहले महाभारत में अर्जुन बनने वाले थे। लेकिन, मूंछों के चलते उनकी जगह फिरोज खान को ये किरदार मिल गया। पकंज धीर ने इस बारे में बात करते हुए कहा था- ‘जब मैंने ऑडिशन दिया, पैनल में डायलॉग राइटर राही मासूम रजा, भृंग तुपकरी साहब  और पंडित नरेंद्र शर्मा बैठे थे, जिन्हें लगा कि मैं अर्जुन के किरदार में फिट रहूंगा। मैंने कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया। फिर मुझे बीआर चोपड़ा का फोन आया, उन्होंने कहा तुम्हें बृहन्नला (अर्जुन का किन्नर रूप) भी निभाना होगा, इसलिए मूंछें हटवानी होंगी। मैंने कहा- ‘सर मैं ऐसा नहीं कर सकता। मैं मूंछें हटवा लूंगा तो अच्छा नहीं दिखूंगा।’ ये सुनकर उन्होंने मुझसे कहा- तुम क्या एक्टर हो, मूंछों की वजह से इतना बड़ा रोल छोड़ रहे हो। मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा।’

महाभारत से धो बैठे थे हाथ

पकंज धीर अपनी मूंछें न हटवाने के चलते महाभारत में अर्जुन का रोल गंवा बैठे और फिर कई महीने तक उन्हें काम नहीं मिला। इसी बीच उन्हें बीआर चोपड़ा का दोबारा कॉल आया और उन्हें कर्ण का किरदार मिल गया। इस किरदार ने उन्हें इस कदर स्टारडम दिया कि करनाल और बस्तर के मंदिरों में भी उनकी मूर्तियां स्थापित की गईं और उनकी पूजा की जाने लगी। पकंज धीर ने खुद एक बार खुलासा किया था कि करनाल और बस्तर के मंदिरों में उनके चेहरे वाली मूर्तियां स्थापित हैं।

पंकज धीर के निधन की वजह

पंकज धीर लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और आज सुबह 11.30 पर वह इस कैंसर से जंग हार गए। इस खबर से पूरी इंडस्ट्री और अभिनेता के फैंस शोक में डूब गए हैं। सोशल मीडिया के जरिए फिरोज खान ने अपने को-एक्टर और दोस्त पंकज धीर को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने अभिनेता के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की, जिसके साथ उन्होंने अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।

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