कर्नाटक में सिद्धारमैया की सरकार गिर जाएगी? विपक्ष के नेता R अशोक ने बताई ये वजह


R Ashok- India TV Hindi
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आर अशोक

बेंगलुरु: कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर जाएगी और वहां एक नया मुख्यमंत्री बनेगा। कर्नाटक में विपक्ष के नेता R अशोक ने यह भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि इस साल नवम्बर या दिसम्बर में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार गिर जाएगी और राज्य में नया CM बनेगा।

सरकारी खजाना खाली 

आर अशोक ने कहा कि राज्य में विकास के सारे काम रुक गए हैं। सरकारी खजाना खाली हो चुका है इसीलिए नवम्बर या दिसम्बर में सिद्ध रामैया की कुर्सी जाना तय है। यही वजह है कि ये लोग बिना किसी वजह के आरएसएस को टारगेट कर रहे हैं।

प्लान के तहत ऐसा हो रहा

बीजेपी नेता आर अशोक ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री प्रियांक खरगे एक प्लान के तहत ऐसा कर रहे हैं। व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। ऐसे में जब कुछ नहीं बचा है तो आरएसएस को टारगेट किया जा रहा है।

अशोक ने कहा, ‘‘मैं बस यही सलाह देना चाहूंगा कि अहंकार का ये प्रदर्शन जनहित में नहीं है और यही अहंकार उद्योग जगत के लोगों के प्रति भी दिखाया जा रहा है, जिसके कारण कई उद्योग कर्नाटक और सिलिकॉन सिटी जैसे बेंगलुरु में निवेश करने के बजाय वहां से जा रहे हैं। इन सभी मुद्दों को छिपाने के लिए यह (आरएसएस का मुद्दा) खड़ा किया जा रहा है।’’ भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पाकिस्तान की प्रशंसा करने वालों का समर्थन करती है और ‘भारत माता की जय’ कहने वालों का विरोध करती है।

सिद्धरमैया सरकार को विनम्रता सीखने की जरूरत-प्रह्लाद जोशी

बता दें कि बीजेपी ने कलबुर्गी जिले के चित्तपुर में आरएसएस के पथ संचलन पर हाईकोर्ट के निर्देश का स्वागत किया। कर्नाटक हाईकोर्ट ने रविवार को आरएसएस के प्रतिनिधियों से चित्तपुर में दो नवंबर को पथ संचलन आयोजित करने की अनुमति के लिए एक नया आवेदन दायर करने को कहा। हाईकोर्ट ने अधिकारियों से आवेदन पर विचार करने और 24 अक्टूबर को अदालत को रिपोर्ट सौंपने को भी कहा। कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए, वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके कैबिनेट सहयोगियों को विनम्रता सीखने की जरूरत है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘मैं हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं तथा हम सभी संविधान और न्यायपालिका में विश्वास करते हैं। यह हमारा अधिकार है और उसने (उच्च न्यायालय ने) इसे दिया है, मैं इसका स्वागत करता हूं।’’ 

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