
बिहार चुनाव रिजल्ट
बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद आज वोटों की गिनती जारी है, फिलहाल रुझानों का दौर चल रहा है और इस रुझान में एनडीए बड़ी जीत की तरफ अग्रसर है। रुझानों में भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मिल रही हैं और उसके बाद नीतीश कुमार की जदयू भी बढ़त बनाए हुए है, लेकिन महागठबंधन का सूपड़ा साफ नजर आ रहा है। जहां नीतीश की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) 80 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और तेजस्वी राजद की साख बचाने में लगे हुए हैं।
लेकिन इस बीच एक नई बात सामने आ रही है कि क्या जदयू से इतर एनडीए नया गठबंधन बना सकती है? इस तरह की कयासबाजी भी लग रही है कि नीतीश के बगैर भी एनडीए बिहार में सरकार बना सकती है जिसमें भाजपा, चिराग की लोजपा, मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी मिलकर सरकार बना सकते हैं और नीतीश कुमार को सीएम नहीं बनाया जा सकता है। इस कयासबाजी को हवा तब मिली जब JDU ने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार के सीएम बनने वाली बात पोस्ट की लेकिन थोड़ी देर बाद इस पोस्ट को डिलीट कर दिया।
देखें ट्वीट

जदयू का ट्वीट
नीतीश की पार्टी जदयू के एक्स हैंडल पर उनकी एक तस्वीर शेयर की गई और इसका कैप्शन दिया गया था, “न भूतो न भविष्यति.. नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।” इससे पहले पटना में पार्टी मुख्यालय के सामने एक पोस्टर में नीतीश कुमार को लेकर कहा गया था, “टाइगर अभी जिंदा है।”
क्या हो सकता है एनडीए का नया समीकरण
बिहार में जिस नए समीकरण की हम बात कर रहे हैं वो है नीतीश के बिना एनडीए की सरकार। यानी पहली बार बीजेपी बिहार में अपना सीएम बना सकती है। फिलहाल आंकड़े तो ऐसा ही संकेत दे रहे हैं, जिसमें रुझानों के मुताबिक एनडीए के वर्तमान रुझानों में बीजेपी 95, जदयू 82, चिराग की पार्टी LJP(R) 20, मांझी की पार्टी HAM 5 और कुशवाहा की पार्टी RLM 4 सीटों पर आगे चल रही है।
नीतीश के बिना नंबर देखें तो बीजेपी की 95 सीट+ चिराग की LJP ® 20 सीट+ मांझी की (HAM) 5 सीट+ कुशवाहा (RLM) की 4 सीट= 124 सीट।
ये इसलिए क्योंकि बहुमत के लिए 122 सीटें चाहिए। अब तक आंकड़ों के मुताबिक नीतीश के बिना एनडीए 124 पर पहुंच गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है बीजेपी कांग्रेस के 3, लेफ्ट के 2 और बसपा के 1 विधायकों को मिलाकर अपनी संख्या और बढ़ा सकती है।
अमित शाह का बयान क्या था
जून 2025 में एक इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा था- ‘बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह तो वक्त ही तय करेगा, लेकिन ये साफ है कि हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही ये चुनाव लड़ेंगे।’ शाह ने आगे कहा था- ‘ये तय करने वाला मैं कौन होता हूं कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा? चुनाव बाद सभी सहयोगी मिलकर विधायक दल का नेता चुनेंगे।’ हालांकि फिर अमित शाह ने सफाई दी थी और कहा था- ‘इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है। मैं फिर से एक बार स्पष्ट करता हूं कि नीतीश ही मुख्यमंत्री हैं और चुनाव जीतने के बाद भी वही रहेंगे।’
अब दूसरा समीकरण भी देख लेते हैं
अब अगर दूसरे समीकरण की बात करें तो नीतीश महागठबंधन के साथ जाते हैं तो जदयू को 84, राजद को 25, कांग्रेस को 5, लेफ्ट को 3 और अन्य को 6 सीटें मिल रही हैं। इन सबको जोड़ दें तो आंकड़ा पहुंचता है 117, यानी बहुमत से 5 कम। यानी नीतीश महागठबंधन के साथ जाकर सरकार नहीं बना सकते हैं और इसके लिए फिर नए सिरे से सोचना होगा।
