Personal Loan लेने के क्या हैं नफा-नुकसान? अप्लाई करने वाले हैं तो पहले समझ लें ये जरूरी बातें


आसान अप्रूवल के कारण लोग जरूरत से ज्यादा लोन ले लेते हैं।- India TV Paisa

Photo:FREEPIK आसान अप्रूवल के कारण लोग जरूरत से ज्यादा लोन ले लेते हैं।

शादी का खर्च हो, घर का रिनोवेशन, मेडिकल इमरजेंसी हो या अचानक कोई बड़ा खर्च, जेब में पैसे कम पड़े तो सबसे पहले दिमाग में आता है “पर्सनल लोन”। बिना गारंटी, बिना कुछ गिरवी रखे, 24-48 घंटे में खाते में पैसे- ये सुविधा सचमुच लाइफ-सेवर लगती है। लेकिन क्या ये हमेशा सही फैसला होता है? हर साल लाखों लोग पर्सनल लोन लेते हैं, लेकिन बाद में ऊंची ब्याज दरें, EMI का बोझ और क्रेडिट स्कोर पर असर देखकर पछताते भी हैं। तो सवाल ये है कि पर्सनल लोन लेना फायदे का सौदा है या नुकसान का जाल? अगर आप पर्सनल लोन लेने का सोच रहे हैं, तो इससे जुड़ी जरूरी बातें और नफा-नुकसान समझना बेहद जरूरी है, ताकि आपका फाइनेंशियल प्लान सुरक्षित और संतुलित रहे।

पर्सनल लोन लेने के फायदे

तुरंत फंड की सुविधा

अचानक खर्च आने पर तेज अप्रूवल और उसी दिन लोन मिल जाना आपके लिए बड़ा राहत भरा कदम हो सकता है।

बिना किसी गारंटी के लोन

पर्सनल लोन के लिए आपको घर, जमीन या सोना गिरवी नहीं रखना पड़ता। सिर्फ आपकी आय और क्रेडिट हिस्ट्री पर्याप्त होती है।

तय EMI से आसान बजटिंग

फिक्स्ड EMI होने से हर महीने का खर्च पहले से प्लान करना आसान होता है। आपको पता होता है कि हर महीने कितना भुगतान करना है।

पैसे का इस्तेमाल अपनी जरूरत अनुसार

पर्सनल लोन किसी खास उद्देश्य से बंधा नहीं होता। इसे आप मेडिकल इमरजेंसी, शादी, यात्रा, घर की मरम्मत या किसी और जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्रेडिट स्कोर बेहतर करने में मदद

समय पर EMI चुकाने से आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है और भविष्य में लोन लेना आसान हो जाता है।

कर्ज का आसान प्रबंधन

herofincorp के मुताबिक, अगर आपके पास कई EMI हैं तो उन्हें एक ही पर्सनल लोन में बदलकर केवल एक EMI चुकानी होगी। इससे बजट आसान और तनाव कम होगा।

पर्सनल लोन लेने के नुकसान

ब्याज दरें ज्यादा हो सकती हैं

बिना गारंटी के लोन होने की वजह से ब्याज दरें होम या कार लोन से अधिक होती हैं।

EMI का बोझ कठोर हो सकता है

एक बार EMI शुरू हो जाए तो इसे रोकना या बदलना मुश्किल होता है। अगर आय कम हो या खर्च बढ़ जाए, तो यह वित्तीय दबाव बढ़ा सकती है।

ज्यादा लोन लेने का खतरा

आसान अप्रूवल के कारण लोग जरूरत से ज्यादा लोन ले लेते हैं, जो बजट और भविष्य की योजनाओं पर असर डाल सकता है।

छिपे हुए शुल्क बढ़ा सकते हैं खर्च

प्रोसेसिंग फीस, फ़ोरक्लोज़र चार्ज या इंश्योरेंस प्रीमियम जैसी अतिरिक्त लागतें जुड़ सकती हैं। इसलिए दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।

क्रेडिट स्कोर पर असर

कई बार लोन के लिए आवेदन करना या EMI चूकना आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।

गलत इस्तेमाल का जोखिम

लोन किसी विशेष उद्देश्य से न बंधा होने के कारण इसे अनावश्यक खर्चों में खर्च करना आसान हो जाता है। इससे वित्तीय अनुशासन बिगड़ सकता है।

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