
भारतीय क्रिकेट टीम
IND vs SA: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 26 नवंबर को समाप्त हो गई। इस सीरीज में भारत को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया को 30 रनों से हार का सामना करना पड़ा और फिर साउथ अफ्रीका ने गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 408 रनों से हराते हुए भारतीय सरजमीं पर नया इतिहास रच दिया। भारत की टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से यह अब तक की सबसे बड़ी हार हैं। इससे पहले टीम इंडिया को साल 2004 में नागपुर में 342 रनों से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह हुए फेल
गुवाहाटी टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने भारत को जीत के लिए 549 रनों का विशाल टारगेट दिया था। इसके जवाब में मेजबान भारतीय टीम 140 रनों पर सिमट गई। इससे पहले भारतीय टीम पहली पारी में 201 रन ही बना सकी थी। वहीं, साउथ अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 489 रन बनाए थे और दूसरी पारी 260/5 रन के स्कोर पर घोषित की थी।
2 मैचों की इस टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही बेदम नजर आईं। नतीजा ये हुआ कि साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। इस तरह भारतीय टीम को अपने घर में लगातार दूसरे साल टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। इससे पहले न्यूजीलैंड ने पिछले साल 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत का 3-0 से सूपड़ा साफ किया था।
40 साल बाद हुआ ऐसा
आपको जानकर हैरानी होगी कि 40 साल बाद भारत की धरती पर ऐसा हुआ है जब लगातार 2 साल में टीम इंडिया 2 टेस्ट सीरीज हारी हैं। पिछली बार यह कारनामा वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने किया था। चार दशक पहले भारतीय टीम को साल 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ और फिर साल 1984-85 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार मिली थी।
इस टेस्ट सीरीज में भारत की तरफ से कोई भी बल्लेबाज शतक नहीं जड़ सका। कम से कम दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत के साथ घर में तीसरी बार ऐसा हुआ है। इससे पहले दो बार साल 1969-70 और साल 1995-96 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा देखने को मिला था।
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