Mokshda Ekadashi: मोक्षदा एकादशी पर करें ये 5 काम, पूर्वजों की आत्मा को मिलेगी शांति, पितृदोष से होंगे मुक्त


Mokshda Ekadashi- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK
मोक्षदा एकादशी

Mokshda Ekadashi: मोक्षदा एकादशी का व्रत 1 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है। माना जाता है कि इसी दिन श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता का उपदेश दिया गया था। इस मोक्ष देने वाली एकादशी के दिन व्रत और विष्णु भगवान का पूजन करना तो शुभ होता ही है साथ ही कुछ आसान से कार्य करके आप अपने पितरों को भी प्रसन्न करते हैं। इस दिन पितरों के निमित्त किए गए ये कार्य उनकी आत्मा को मुक्ति तो दिलाते ही हैं साथ ही आपको पितृ दोष से भी मुक्त करते हैं।

पितरों के निमित्त करें तर्पण 

मोक्षदा एकादशी के दिन आपको पितरों के निमित्त तर्पण करना चाहिए इसके लिए आप गंगाजल का उपयोग कर सकते हैं। संभव हो तो किसी ब्राह्मण से तर्पण और पिंडदान आपको करवाना चाहिए। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है और आपके जीवन में भी सुखद बदलाव आते हैं। 

गीता के इन अध्यायों का करें पाठ 

मोक्षदा एकादशी के दिन गीता का पाठ करना भी बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन आप गीता के सातवें, ग्यारहवें और अठारहवें अध्याय का पाठ कर सकते हैं। इन अध्यायों को पितरों की मुक्ति और मोक्ष से जुड़ा माना जाता है। इन तीनों का पाठ ना भी कर पाएं तो इनमें से एक का पाठ अवश्य करें। 

मोक्षदा एकादशी पर करें दान 

हिंदू धर्म में दान का बड़ा महत्व है इस दिन पितरों का स्मरण करके दान करने से पितृ अतिप्रसन्न होते हैं। साथ ही आप इस दिन ब्राह्मणों को भोजन भी करवा सकते हैं। दान के रूप में अन्न, वस्त्र और दक्षिणा आप दान स्वरूप दे सकते हैं। 

पितरों के निमित्त दीपदान 

मोक्षदा एकादशी के दिन आप पितरों के निमित्त दीपदान भी कर सकते हैं। इसके लिए आप घर की दक्षिण दिशा में दीप जला सकते हैं या फिर किसी पवित्र नदी में दीप जलाकर बहा सकते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से पितृ शांत तो होते ही हैं साथ ही आपको पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है।

पीपल के पेड़ तले जलाएं दीपक

माना जाता है कि पीपल के पेड़ में हमारे पितरों का निवास होता है। इसलिए मोक्षदा एकादशी के दिन पीपल के पेड़ तले दीपक आपको जलाना चाहिए और 11 बार पीपल की परिक्रमा करनी चाहिए। यह कार्य करने से पितृ प्रसन्न होकर आप पर कृपा बरसाते हैं और आपके जीवन के मुश्किलों का अंत होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: 

Dream Meaning: शनि से जुड़े इन 5 सपनों का दिखना बेहद शुभ, जीवन में धन लाभ और अच्छे बदलावों का हैं संकेत

Shri Bhagwat Geeta Aarti PDF: जय भगवद् गीते हरि-हिय-कमल-विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते, गीता जयंती पर जरूर पढ़ें यह आरती





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *