व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर राजेश शर्मा ने खोला ये राज, भारत-रूस दोस्ती और व्यापार का बताया महत्व


भारतीय मूल के रूसी कारोबारी राजेश शर्मा।- India TV Paisa

Photo:INDIA TV/FREEPIK भारतीय मूल के रूसी कारोबारी राजेश शर्मा।

भारतीय मूल के रूसी कारोबारी राजेश शर्मा, जो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के डेलिगेशन का हिस्सा हैं, ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में भारत-रूस संबंधों और व्यापारिक अवसरों पर अपनी बातें साझा की। राजेश शर्मा ने कहा कि आज रूस के प्रमुख व्यापारियों की बैठक पीयूष गोयल के साथ हुई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि भारत और रूस की दोस्ती सिर्फ एक-दो या दस सालों की नहीं, बल्कि कई दशक पुरानी और मजबूत है।

100 अरब डॉलर तक व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य

राजेश शर्मा ने आगे बताया कि भारत और रूस के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए 100 अरब डॉलर तक का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। रूस के लोग भारत और भारतीय लोगों को बहुत सम्मान और अच्छी नजर से देखते हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि रूस में आज भी राज कपूर का गीत ‘सर पर लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ बड़े प्रेम से सुना और पसंद किया जाता है।

राजेश शर्मा ने दुनिया के नेताओं के रिश्तों की भी तारीफ की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में से हैं और उनकी जोड़ी काफी प्रभावशाली और सफल रही है।

राजेश शर्मा का परिचय

राजेश शर्मा का जन्म 1965 में नई दिल्ली में हुआ। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और भारत की एक प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में अपने करियर की शुरुआत की। साल 1991 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट के तहत रूस भेजा गया, जहाँ उन्होंने भारतीय व्यवसाय और उद्योग के लिए नए अवसर तलाशने शुरू किए।

इंडियन बिज़नेस एलायंस में अहम योगदान

1994 में राजेश शर्मा इंडियन बिज़नेस एलायंस यानी IBA मास्को के फाउंडर मेंबर्स में शामिल हुए और 2000 से 2003 तक इसके प्रेसिडेंट पद पर काम किया। रूस में भारतीय प्रोडक्ट्स की कम पॉपुलैरिटी को देखकर उन्होंने इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) के सहयोग से “इंडियन सक्सेस स्टोरीज़” प्रोग्राम की शुरुआत की। इस पहल का मकसद प्रमुख उद्योग क्षेत्रों में भारतीय क्वालिटी और स्टैंडर्ड्स को रूसी राजनीतिक और व्यापारिक निर्णय लेने के तरीके दिखाना था। आज भी वह IBA के काउंसिल बोर्ड के एक्टिव मेंबर्स हैं।

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में प्रवेश

भारत और रूस के बीच व्यावसायिक संभावनाओं को देखते हुए, राजेश शर्मा ने 2003 में फार्मास्यूटिकल डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग कंपनी – एडवांस्ड ट्रेडिंग की स्थापना की। मजबूत सेवाएं चेन स्थापित करने के बाद उन्होंने रूस में स्थानीय विनिर्माण (लोकल मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में निवेश करना शुरू किया, ताकि फार्मा उद्योग में स्थायी और सतत योगदान दिया जा सके।

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