शेरनी कितने दिनों में बच्चा पैदा करती है? एक बार में होते हैं इतने शावक


  • शेर को जंगल का राजा माना जाता है, वहीं शेरनी जंगल की रानी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शेर और शेरनी कितने समय में माता-पिता बनते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि शेरनी की प्रेग्नेंसी इंसानों की तरह 9 महीने नहीं चलती बल्कि इसका समय इंसानों की अपेक्षा बहुत कम होता है।

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    शेर को जंगल का राजा माना जाता है, वहीं शेरनी जंगल की रानी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शेर और शेरनी कितने समय में माता-पिता बनते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि शेरनी की प्रेग्नेंसी इंसानों की तरह 9 महीने नहीं चलती बल्कि इसका समय इंसानों की अपेक्षा बहुत कम होता है।

  • एक शेरनी का गर्भकाल (प्रेग्नेंसी) औसतन 3.5 से 4 महीने (100 से 120 दिन) का होता है और वह एक बार में एक से 6 शावकों को जन्म दे सकती है। शेरनियों को लेकर खास बात ये होती है कि वह कभी भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं। इनके लिए बाकी जानवरों की तरह कोई निश्चित मौसम नहीं है।

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    एक शेरनी का गर्भकाल (प्रेग्नेंसी) औसतन 3.5 से 4 महीने (100 से 120 दिन) का होता है और वह एक बार में एक से 6 शावकों को जन्म दे सकती है। शेरनियों को लेकर खास बात ये होती है कि वह कभी भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं। इनके लिए बाकी जानवरों की तरह कोई निश्चित मौसम नहीं है।

  • एक अनोखी बात ये भी है कि शेरनियां जब अपने शावकों को जन्म देती हैं तो वह कुछ समय के लिए अपने झुंड से अलग हो जाती हैं, जिससे कोई अन्य शावक उनका दूध ना पिए और ना ही कोई नर शेर उन पर कब्जा कर सके। शेरनी अपने शावकों को 6 महीने से अधिक समय तक दूध पिला सकती है।

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    एक अनोखी बात ये भी है कि शेरनियां जब अपने शावकों को जन्म देती हैं तो वह कुछ समय के लिए अपने झुंड से अलग हो जाती हैं, जिससे कोई अन्य शावक उनका दूध ना पिए और ना ही कोई नर शेर उन पर कब्जा कर सके। शेरनी अपने शावकों को 6 महीने से अधिक समय तक दूध पिला सकती है।

  • हालांकि एक गंभीर बात ये भी है कि जन्म के बाद बड़ी संख्या में शावक सर्वाइव नहीं कर पाते और जंगल की कठिन परिस्थितियां अनुकूल ना होने की वजह से 60 फीसदी से ज्यादा शावकों की पहले साल में ही मौत हो जाती है।

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    हालांकि एक गंभीर बात ये भी है कि जन्म के बाद बड़ी संख्या में शावक सर्वाइव नहीं कर पाते और जंगल की कठिन परिस्थितियां अनुकूल ना होने की वजह से 60 फीसदी से ज्यादा शावकों की पहले साल में ही मौत हो जाती है।

  • शेरनियां आम तौर पर 2 से 3 साल में एक बार बच्चों को जन्म देती हैं क्योंकि वह तब तक दोबारा संभोग नहीं करतीं, जब तक उनके बच्चे सर्वाइवल मोड में ना जाएं। हालांकि इसको लेकर अपवाद भी है। कई बार शेरनियां बच्चों को जन्म देने के बाद जल्द ही संभोग प्रक्रिया में उतर आती हैं। एक शेरनी कई शेरों के साथ भी संबंध बना सकती है। इससे उनके झुंड में नर शेरों के बीच दोस्ती बनी रहती है।

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    शेरनियां आम तौर पर 2 से 3 साल में एक बार बच्चों को जन्म देती हैं क्योंकि वह तब तक दोबारा संभोग नहीं करतीं, जब तक उनके बच्चे सर्वाइवल मोड में ना जाएं। हालांकि इसको लेकर अपवाद भी है। कई बार शेरनियां बच्चों को जन्म देने के बाद जल्द ही संभोग प्रक्रिया में उतर आती हैं। एक शेरनी कई शेरों के साथ भी संबंध बना सकती है। इससे उनके झुंड में नर शेरों के बीच दोस्ती बनी रहती है।

  • शेरनी के बारे में एक मुख्य बात ये है कि असली शिकारी यही होती हैं, जो झुंड के लिए शिकार लाती हैं। जबकि नर शेर का काम केवल रक्षा करना होता है। वह दिन में 16-17 घंटे तक सोते हैं। नर शेर की गर्दन पर अयाल (बाल) होते हैं, जबकि शेरनियों में सामान्यता ऐसा देखने को नहीं मिलता।

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    शेरनी के बारे में एक मुख्य बात ये है कि असली शिकारी यही होती हैं, जो झुंड के लिए शिकार लाती हैं। जबकि नर शेर का काम केवल रक्षा करना होता है। वह दिन में 16-17 घंटे तक सोते हैं। नर शेर की गर्दन पर अयाल (बाल) होते हैं, जबकि शेरनियों में सामान्यता ऐसा देखने को नहीं मिलता।

  • शिकार के बाद सबसे पहले नर शेर उसको पहले खाते हैं। इसके बाद शिकार को शेरनी और फिर शावक खाते हैं। हालांकि ये क्रम बदल भी सकता है।

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    शिकार के बाद सबसे पहले नर शेर उसको पहले खाते हैं। इसके बाद शिकार को शेरनी और फिर शावक खाते हैं। हालांकि ये क्रम बदल भी सकता है।





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