Image Source : freepik
शेर को जंगल का राजा माना जाता है, वहीं शेरनी जंगल की रानी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शेर और शेरनी कितने समय में माता-पिता बनते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि शेरनी की प्रेग्नेंसी इंसानों की तरह 9 महीने नहीं चलती बल्कि इसका समय इंसानों की अपेक्षा बहुत कम होता है।
Image Source : freepik
एक शेरनी का गर्भकाल (प्रेग्नेंसी) औसतन 3.5 से 4 महीने (100 से 120 दिन) का होता है और वह एक बार में एक से 6 शावकों को जन्म दे सकती है। शेरनियों को लेकर खास बात ये होती है कि वह कभी भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं। इनके लिए बाकी जानवरों की तरह कोई निश्चित मौसम नहीं है।
Image Source : freepik
एक अनोखी बात ये भी है कि शेरनियां जब अपने शावकों को जन्म देती हैं तो वह कुछ समय के लिए अपने झुंड से अलग हो जाती हैं, जिससे कोई अन्य शावक उनका दूध ना पिए और ना ही कोई नर शेर उन पर कब्जा कर सके। शेरनी अपने शावकों को 6 महीने से अधिक समय तक दूध पिला सकती है।
Image Source : freepik
हालांकि एक गंभीर बात ये भी है कि जन्म के बाद बड़ी संख्या में शावक सर्वाइव नहीं कर पाते और जंगल की कठिन परिस्थितियां अनुकूल ना होने की वजह से 60 फीसदी से ज्यादा शावकों की पहले साल में ही मौत हो जाती है।
Image Source : freepik
शेरनियां आम तौर पर 2 से 3 साल में एक बार बच्चों को जन्म देती हैं क्योंकि वह तब तक दोबारा संभोग नहीं करतीं, जब तक उनके बच्चे सर्वाइवल मोड में ना जाएं। हालांकि इसको लेकर अपवाद भी है। कई बार शेरनियां बच्चों को जन्म देने के बाद जल्द ही संभोग प्रक्रिया में उतर आती हैं। एक शेरनी कई शेरों के साथ भी संबंध बना सकती है। इससे उनके झुंड में नर शेरों के बीच दोस्ती बनी रहती है।
Image Source : freepik
शेरनी के बारे में एक मुख्य बात ये है कि असली शिकारी यही होती हैं, जो झुंड के लिए शिकार लाती हैं। जबकि नर शेर का काम केवल रक्षा करना होता है। वह दिन में 16-17 घंटे तक सोते हैं। नर शेर की गर्दन पर अयाल (बाल) होते हैं, जबकि शेरनियों में सामान्यता ऐसा देखने को नहीं मिलता।
Image Source : freepik
शिकार के बाद सबसे पहले नर शेर उसको पहले खाते हैं। इसके बाद शिकार को शेरनी और फिर शावक खाते हैं। हालांकि ये क्रम बदल भी सकता है।
