
ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी। (फाइल फोटो)
ईरान में खामनेई शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की अपील के बाद हजारों लोग अपने घरों से निकल कर नारेबाज़ी करने लगे हैं। इस दौरान तेहरान समेत कई शहरों में गोलीबारी की आवाज़ें सुनाई दी हैं। ईरान में प्रदर्शन के दौरान आगजनी भी हुई है और अब खबर ये आ रही है कि ईरान में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। कई जगहों पर लैंडलाइन टेलिफोन लाइनें काट दी गई हैं। देश में लैंडलाइन और मोबाइल पर बात करना संभव नहीं हो पा रहा है। इन सब के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका भीषण हमला करेगा।
ईरान में अब तक 41 लोग मारे गए
ईरान की सरकार ने देश में टेलीग्राम चैनल को भी ऑफलाइन कर दिया है। लोगों ने सड़कों पर उतरकर और अपने घरों की छतों से नारेबाजी की है। ईरान के पचास से ज्यादा शहरों से प्रदर्शन की तस्वीरें आ रही हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 41 लोग मारे गए हैं जबकि 2 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इन प्रदर्शनों से ईरान की सरकार और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी भी एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने वीडियो मैसेज के जरिये लोगों से घरों से नारेबाजी करने की अपील की है जिसके बाद लोग घरों से निकल आए और प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
ईरान में हो रहे प्रदर्शन के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान की सरकार ने प्रदर्शकारियों को मारना शुरू किया तो अमेरिका बड़ा हमला करेगा। ट्रंप ने एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान ये बात कही। ट्रंप ने इस इंटरव्यू में कहा कि “मैंने उन्हें बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू कर देते हैं, जैसा कि वे अपने दंगों के दौरान करते हैं। उनके यहां बहुत सारे दंगे होते हैं। अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन्हें बहुत कड़ी सजा देंगे।”
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी दिया बयान
ईरान में हो रहे प्रदर्शनों पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा- “हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले और स्वतंत्र रूप से संगठित होने के अपने अधिकार का प्रयोग करने का प्रयास करने वाले हर व्यक्ति के साथ खड़े हैं। ईरानी शासन कई समस्याओं से जूझ रहा है, और जैसा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा है, उनके लिए सबसे समझदारी भरा कदम, जो आज भी सच है, यह है कि वे अपने परमाणु कार्यक्रम के संबंध में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ वास्तविक बातचीत करें। हम ईरानी जनता सहित दुनिया भर में उन सभी लोगों के साथ खड़े हैं जो अपने अधिकारों की वकालत कर रहे हैं।”
