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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती और घरेलू सर्राफा कारोबारियों की बढ़ी खरीदारी के चलते शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में सोना ₹1,500 की बढ़त के साथ ₹1,58,700 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
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99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,57,200 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले बुधवार को सोने ने ₹1,59,700 प्रति 10 ग्राम का अब तक का उच्चतम स्तर छुआ था।
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चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। चांदी करीब 3 प्रतिशत या ₹9,500 बढ़कर ₹3,29,500 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई, जबकि पिछले सत्र में इसका भाव ₹3,20,000 प्रति किलोग्राम था। स्थानीय बुलियन बाजार में चांदी ने बुधवार को ₹3,34,300 प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था।
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एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के अनुसार, जारी भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और निवेशकों की मजबूत मांग के कारण सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों पर पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि मार्च 2020 के बाद यह सोने का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन हो सकता है।
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वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों ने नया इतिहास रचा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड USD 4,900 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया, जबकि चांदी USD 99 प्रति औंस के ऊपर कारोबार करती दिखी। FOREX.com के अनुसार, सोना USD 30.73 या 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ USD 4,967.41 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। फिलहाल स्पॉट गोल्ड लगभग USD 4,960 प्रति औंस पर बना हुआ है।
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मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट प्रवीन सिंह ने बताया कि ग्रीनलैंड को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमतों को सहारा मिला है। स्पॉट सिल्वर में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह 3.42 प्रतिशत या USD 3.29 बढ़कर USD 99.46 प्रति औंस पर पहुंच गई। इंट्रा-डे में चांदी ने USD 99.78 का नया रिकॉर्ड भी बनाया।
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रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा कि कमजोर डॉलर ने कीमती धातुओं की इस तेजी को मजबूती दी है। उन्होंने यह भी बताया कि चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे ऐतिहासिक शॉर्ट स्क्वीज, मजबूत रिटेल मांग और चीन द्वारा निर्यात नियंत्रण सख्त किए जाने जैसे कारण अहम हैं।
