सोने-चांदी की कीमत में भूचाल से हिला बाजार, चांदी ₹67,891 सस्ती, सोना ₹15,246 लुढ़का, जानें भाव


अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर जबरदस्त दबाव।- India TV Paisa

Photo:PEXELS अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर जबरदस्त दबाव।

सोने और चांदी का जोश शुक्रवार को ठंडा पड़ गया। कीमतों में भारी गिरावट के साथ वायदा बाजार में कोहराम मच गया। 30 जनवरी को वायदा कारोबार में सोना और चांदी की कीमतों में बीते कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की गई। चांदी के वायदा भाव करीब 17% लुढ़ककर 3.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए, जबकि सोने की कीमत में लगभग 9% की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा तेज मुनाफावसूली, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर जबरदस्त दबाव देखने को मिला।

67,891 रुपये घट गई चांदी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 67,891 रुपये या 16.97% टूटकर 3,32,002 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह एक दिन में चांदी की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इससे पहले गुरुवार को चांदी करीब 9% की तेजी के साथ 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी और 3,99,893 रुपये पर बंद हुई थी।

सोना 15,246 रुपये कमजोर

इसी तरह, सोने के वायदा भाव में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 15,246 रुपये या 9% गिरकर 1,54,157 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एक दिन पहले गुरुवार को सोना करीब 9% उछलकर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, हालांकि बाद में मुनाफावसूली के चलते यह 1,69,403 रुपये प्रति 10 ग्राम पर फिसल गया था।

एक्सपर्ट ने क्या कहा 

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि शुक्रवार को सोना और चांदी सभी श्रेणियों- मेगा और मिनी कॉन्ट्रैक्ट्स में लोअर सर्किट में चले गए। उन्होंने बताया कि ऊंचे स्तरों से जबरदस्त मुनाफावसूली देखने को मिली है और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में गिरावट वायदा बाजार की तुलना में कहीं अधिक रही है। घरेलू बाजार में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ की कीमतों में भी 20% तक की तेज गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिका में इस हलचल का भी रहा असर

कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, अमेरिका में फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन के तौर पर केविन वार्श के नाम को लेकर चल रही अटकलों ने भी सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया। पूर्व फेड गवर्नर वार्श को मौद्रिक नीति के लिहाज से सख्त रुख अपनाने वाला (हॉकीश) माना जाता है, जिससे अमेरिकी डॉलर और मजबूत हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वार्श सख्त मौद्रिक नीति अपनाते हैं, तो डॉलर में और मजबूती आएगी, जिसका सीधा असर सोना और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश वाली धातुओं पर पड़ेगा। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को संकेत दिया कि वह शुक्रवार सुबह फेड चेयर जेरोम पॉवेल के उत्तराधिकारी की घोषणा करेंगे। इस दौरान छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.33% की तेजी के साथ 96.60 पर कारोबार करता नजर आया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी बिकलाली

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी गई। कॉमेक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 19.30 डॉलर या 16.87% गिरकर 95.12 डॉलर प्रति औंस के इंट्रा-डे निचले स्तर तक आ गई, जबकि इससे पहले के सत्र में इसने 121.78 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

वहीं, कॉमेक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 392.1 डॉलर या 7.32% टूटकर 4,962.7 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि गुरुवार को इसने 5,626.8 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई बनाया था।

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