
वकील अवतार में दिखेंगी ममता बनर्जी
दिल्ली: उच्चतम न्यायालय पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा, जिसमें अपना पक्ष खुद रखेंगी ममता बनर्जी। सूत्रों के मुताबिक, कानून की डिग्री (LLB) रखने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अदालत की कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर अपनी बात रख सकती हैं। बार एंड बेंच के मुताबिक ममता बनर्जी ने कलकत्ता के जोगेश चंद्र चौधरी विधि महाविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की है और उनके वकील के रूप में काम करने की आखिरी रिपोर्ट 2003 की है।
ममता बनर्जी ने यह याचिका 28 जनवरी को दायर की थी। बता दें कि आज की सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई बंगाल की भावी राजनीति और आगामी चुनावों की निष्पक्षता के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ममता बनर्जी एसआईआर के मामले में दायर अन्य याचिकाओं पर बुधवार को होने वाली अहम सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय में मौजूद रह सकती हैं। उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत , न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम.पंचोली की पीठ मोस्तरी बानू और टीएमसी सांसदों डेरेक ओ ब्रायन व डोला सेन की तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
इस मामले में उन्होंने निर्वाचन आयोग (ईसी) और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्ष बनाया था। बनर्जी ने इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को पत्र लिखकर चुनाव से पहले राज्य में जारी “मनमाने और खामियों से भरे” एसआईआर को रोकने का आग्रह किया था। उच्चतम न्यायालय ने 19 जनवरी को विभिन्न निर्देश जारी करते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
