sheep wool shearing photos, Sheep Facts, Amazing Facts PHOTOS: क्या आपने कभी भेड़ों का ‘हेयरकट’ देखा है?


  • भेड़ें हमें सिर्फ ऊन ही नहीं देतीं, बल्कि ये बहुत ही चतुर, भावुक और रोचक जानवर हैं। हजारों सालों से इंसानों के साथ रह रही भेड़ें झुंड में रहना पसंद करती हैं और इनमें कई ऐसी खास बातें हैं जो आपको हैरान कर देंगी। आज हम आपको प्रयागराज से आई कुछ तस्वीरें दिखाएंगे जिनमें भेड़ों से देसी तरीके से ऊन निकाला जा रहा है, और साथ ही इनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें भी बताएंगे। तो आइए देखते हैं भेड़ों की और उनसे ऊन निकाले जाने की कुछ शानदार तस्वीरें:

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    भेड़ें हमें सिर्फ ऊन ही नहीं देतीं, बल्कि ये बहुत ही चतुर, भावुक और रोचक जानवर हैं। हजारों सालों से इंसानों के साथ रह रही भेड़ें झुंड में रहना पसंद करती हैं और इनमें कई ऐसी खास बातें हैं जो आपको हैरान कर देंगी। आज हम आपको प्रयागराज से आई कुछ तस्वीरें दिखाएंगे जिनमें भेड़ों से देसी तरीके से ऊन निकाला जा रहा है, और साथ ही इनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें भी बताएंगे। तो आइए देखते हैं भेड़ों की और उनसे ऊन निकाले जाने की कुछ शानदार तस्वीरें:

  • भेड़ों की आंखों की पुतली आयताकार होती है, जिससे उन्हें लगभग 360 डिग्री तक देखने की क्षमता मिलती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भेड़ें पीछे की तरफ भी बिना सिर घुमाए देख सकती हैं! इस तस्वीर में प्रयागराज में एक गड़रियां अपनी भेड़ों को हांकते हुए दिख रहा है।

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    भेड़ों की आंखों की पुतली आयताकार होती है, जिससे उन्हें लगभग 360 डिग्री तक देखने की क्षमता मिलती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भेड़ें पीछे की तरफ भी बिना सिर घुमाए देख सकती हैं! इस तस्वीर में प्रयागराज में एक गड़रियां अपनी भेड़ों को हांकते हुए दिख रहा है।

  • भेड़ें बहुत स्मार्ट होती हैं। वे 50 से ज्यादा दूसरी भेड़ों के चेहरे 2 साल तक याद रख सकती हैं और इंसानों के चेहरे भी पहचान लेती हैं। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कैसे भेड़ों से ऊन निकाला जा रहा है।

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    भेड़ें बहुत स्मार्ट होती हैं। वे 50 से ज्यादा दूसरी भेड़ों के चेहरे 2 साल तक याद रख सकती हैं और इंसानों के चेहरे भी पहचान लेती हैं। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कैसे भेड़ों से ऊन निकाला जा रहा है।

  • भेड़ अपने बच्चे को सिर्फ सूंघकर पहचानती है। भेड़ के हर बच्चे की अलग खुशबू होती है, जिससे वह उसे भटकने पर भी ढूंढ लेती है।  कई जगहों पर उन निकालने के लिए मशीनों का भी इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन भारत में देसी तरीका ही जिंदाबाद है।

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    भेड़ अपने बच्चे को सिर्फ सूंघकर पहचानती है। भेड़ के हर बच्चे की अलग खुशबू होती है, जिससे वह उसे भटकने पर भी ढूंढ लेती है। कई जगहों पर उन निकालने के लिए मशीनों का भी इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन भारत में देसी तरीका ही जिंदाबाद है।

  • भेड़ें दोस्त बनाती हैं और अपने दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताना पसंद करती हैं। अगर कोई दोस्त बीमार हो तो वह उसके पास रुकती भी हैं। आपको यह तरीका भेड़ों के लिए तकलीफदेह लगता होगा लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल, यह भेड़ों के लिए हमारे हेयरकट जैसा ही है।

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    भेड़ें दोस्त बनाती हैं और अपने दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताना पसंद करती हैं। अगर कोई दोस्त बीमार हो तो वह उसके पास रुकती भी हैं। आपको यह तरीका भेड़ों के लिए तकलीफदेह लगता होगा लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल, यह भेड़ों के लिए हमारे हेयरकट जैसा ही है।

  • अगर बाल न कटवाए जाएं तो भेड़ का ऊन इतना बढ़ जाता है कि वे चल भी नहीं पाती। एक मशहूर भेड़ 'शैंक' का वजन बालों के कारण 27 किलो तक हो गया था, जिससे उसे काफी दिक्कत पेश आती थी। ऊन निकाले जाने के बाद उसे इकट्ठा करते हुए लोग।

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    अगर बाल न कटवाए जाएं तो भेड़ का ऊन इतना बढ़ जाता है कि वे चल भी नहीं पाती। एक मशहूर भेड़ ‘शैंक’ का वजन बालों के कारण 27 किलो तक हो गया था, जिससे उसे काफी दिक्कत पेश आती थी। ऊन निकाले जाने के बाद उसे इकट्ठा करते हुए लोग।

  • भेड़ों को इमोशन भी महसूस होता है और वे खुश, दुखी या डरी हुई हो सकती हैं। यहां तक कि भेड़ें एक-दूसरे के चेहरे से भावनाएं भी समझ लेती हैं। भेड़ों और उनके ऊन की यह तस्वीर भी प्रयागराज से ही है।

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    भेड़ों को इमोशन भी महसूस होता है और वे खुश, दुखी या डरी हुई हो सकती हैं। यहां तक कि भेड़ें एक-दूसरे के चेहरे से भावनाएं भी समझ लेती हैं। भेड़ों और उनके ऊन की यह तस्वीर भी प्रयागराज से ही है।

  • भेड़ें पानी से डरती हैं और बारिश में भीगना पसंद नहीं करतीं। साथ ही, ये तेज दौड़ सकती हैं और अगर कोई खतरा हो तो 25-30 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं। तो बताइए, आपको कैसी लगी ये जानकारी और ये तस्वीरें।

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    भेड़ें पानी से डरती हैं और बारिश में भीगना पसंद नहीं करतीं। साथ ही, ये तेज दौड़ सकती हैं और अगर कोई खतरा हो तो 25-30 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं। तो बताइए, आपको कैसी लगी ये जानकारी और ये तस्वीरें।





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