ईरान पर हमला क्या करेंगे…जब शौच को तरस रहे अमेरिकी सैनिक, भूमध्य सागर में तैनात USS Gerald R Ford में लंबी कतारें


भूमध्य सागर में तैनात यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड में शौच के लिए कतार में लगे अमेरिकी नौसैनिक।- India TV Hindi
Image Source : AP
भूमध्य सागर में तैनात यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड में शौच के लिए कतार में लगे अमेरिकी नौसैनिक।

Iran US Conflict: ईरान पर हमला करने के मकसद से भूमध्य सागर में जुटे हजारों अमेरिकी सैनिकों के सामने शौच का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इससे उनकी सेहत बिगड़ने लगी है।  अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित हमले की तैयारी के बीच दुनिया के सबसे खतरनाक यूएस नेवी के उन्नत और महंगे न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट यूएसएस गेराल्ड आर.फोर्ड में हजारों नौसैनिकों के सामने शौच का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हालत यह है कि शौच के लिए यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड में नौसैनिकों की लंबी कतारें लग रही हैं। एक सैनिक का नंबर कम से कम 45 मिनट बाद आ रहा है। 

13 अरब डॉलर के जहाज में कैसे खड़ा हुआ शौचालय का संकट

करीब 13 अरब डॉलर यानी 1.18 लाख करोड़ रुपये की लागत से बने इस जहाज पर 4,600 नाविकों को रखने की क्षमता है। मगर इसमें काफी शौचालय खराब पड़े हैं। यानी मौजूदा समय में पर्याप्त कार्यशील बाथरूम नहीं हैं, जिससे नौसैनिकों को लंबी कतारों और असुविधा से गुजरना पड़ रहा है। यह समस्या जहाज के वैक्यूम कलेक्शन, होल्डिंग एंड ट्रांसफर (VCHT) सिस्टम से जुड़ी है, जो क्रूज जहाजों से प्रेरित है और कम पानी का उपयोग करता है। मगर युद्धपोत की जटिल संरचना और 650 शौचालयों की संख्या के कारण पाइप संकरे पड़ जाते हैं, जिससे बार-बार क्लॉगिंग और ब्रेकडाउन होता है। एक छोटी वाल्व खराब होने पर पूरे जोन के शौचालय बंद हो जाते हैं।

कई बार 90 फीसदी शौचालय हो जाते हैं ठप

रिपोर्ट्स के अनुसार 2023 से अब तक 42 बार शौचालयों की मरम्मत के लिए बाहरी मदद मांगी गई। साल 2025 में 32 बार शिकायत की गई। एक ईमेल में चार दिनों में 205 ब्रेकडाउन दर्ज हुए। बावजूद इस समस्या को दूर नहीं किया जा सका है। लिहाजा इंजीनियरिंग टीम को 19 घंटे की शिफ्ट करनी पड़ रही है। ऐसे में कई बार 90% शौचालय काम नहीं करते, जिससे नाविकों को 45 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। यह संकट तब और गंभीर हो गया है, जब जहाज की तैनाती ईरान के साथ बढ़े तनाव के कारण भूमध्य सागर में कर दी गई है। 

समुद्र में तैनाती के दौरान मरम्मत असंभव

समुद्र में तैनाती के दौरान शौचालयों की पूरी तरह मरम्मत असंभव है,क्योंकि बड़े रिपेयर के लिए जहाज को डॉकयार्ड लौटना पड़ता है।। यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड जहाज जून 2025 से समुद्र में है। वह 11 महीने से अलग-अलग महासागरों में तैनात है। इसके नाविक लंबे समय से परिवार से दूर हैं। वह अब बाथरूम की समस्या से मानसिक तनाव में आ रहे हैं। सामान्य टॉयलेट पेपर और यहां तक कि ब्राउन पेपर टॉवल्स भी सिस्टम को ब्लॉक कर देते हैं। 

ईरान पर हमले से पहले अमेरिकी सैनिकों की हालत खस्ता

ट्रंप प्रशासन के ईरान पर हमले की धमकियों के बीच यह ‘टॉयलेट क्राइसिस’ अमेरिकी नौसेना की तैयारियों पर सवाल उठा रहा है। दुनिया का सबसे शक्तिशाली विमानवाहक जहाज दुश्मन से पहले अपने शौचालयों से जूझ रहा है। युद्ध की तैयारियों के बीच अमेरिकी नौसैनिकों के लिए यह बड़ी समस्या बन गया है। ऐसे में उनकी तबीयत खराब हो सकती है। इससे ईरान पर हमला करने की अमेरिकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। 

यह भी पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के बाद अब डेमोक्रेट्स ने भी दिया ट्रंप को झटका, विभिन्न देशों से वसूले गए अरबों डॉलर के टैरिफ को लौटाने की मांग

“अमेरिकी राष्ट्रपति का मतलब Man of Action…इंतजार करिये और देखिये”, युद्ध की आहट तेज के बाद ईरानियों के मोबाइल पर आया मैसेज

Latest World News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *