
इटली क्रिकेट टीम
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इटली की मेंस क्रिकेट टीम ने हिस्सा लिया था। उनकी टीम इस वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। इस वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद इटली क्रिकेट में भूचाल आ गया है। इटैलियन क्रिकेट में सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप लगे हैं। इटैलियन महिला टीम की एक खिलाड़ी ने ये आरोप महिला क्रिकेट कोऑर्डिनेटर प्रभात एकनेलिगोडा पर लगाए हैं। उन्हें इटैलियन बोर्ड, फेडेराजियोन क्रिकेट इटालियाना (FCRI) ने सस्पेंड कर दिया है। FCRI के एक बयान के मुताबिक, इन आरोपों की फेडरल प्रॉसिक्यूटर जांच कर रहा है।
इटली क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले पर दिया बड़ा बयान
बोर्ड के बयान में कहा गया है कि फेडरेशन ने ये कंफर्म किया है कि 2025 के दौरान, फेडरेशन के प्रेसिडेंट ने अपनी इंस्टीट्यूशनल जिम्मेदारियों के तहत और एथलीट और इसमें शामिल दूसरे लोगों की पूरी सुरक्षा को ध्यान में रखा गया है। इस मामले में संबंधित व्यक्ति को सभी फेडरल ड्यूटी और एक्टिविटी से तुरंत एहतियात के तौर पर सस्पेंड करने का आदेश दिया गया है।
FCRI ने ये भी कहा कि यह कदम हालात की पूरी और पक्की जांच के बाद उठाया गया। यह फैसला एक समझदारी भरा और जिम्मेदार कदम था, जिसका मकसद किसी भी तरह की गलत अटकलों को रोकना, खेल के माहौल की ईमानदारी को बनाए रखने का था। हमें यह पक्का करना था कि कोई भी फैक्ट-फाइंडिंग सही फोरम पर हो, जिसमें पर्सनल डिग्निटी, सही प्रोसेस और बेगुनाही की पूरी इज्जत हो।
एकनेलिगोडा के वकील ने आरोपों से किया इनकार
BBC स्पोर्ट ने बताया कि एकनेलिगोडा के वकील ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि उनके ऊपर लगे ये सभी आरोप निराधार हैं। ESPNcricinfo के मुताबिक एकनेलिगोडा पर सस्पेंशन बना हुआ है, FCRI के मीडिया मैनेजर रकबीर हसन ने ESPNcricinfo के हवाले से बताया कि कि एकनेलिगोडा T20 वर्ल्ड कप में मौजूद थे। वह प्रेसिडेंट के साथी के तौर पर गए थे और वर्ल्ड कप डेलीगेशन से उनका कोई ऑफिशियल काम या कनेक्शन नहीं है। यह भी बताया गया है कि अभी फेडरल प्रॉसिक्यूटर ऑफिस में कार्रवाई चल रही है, जो खेल नियमों के तहत दिए गए असेसमेंट और जांच करने के लिए जिम्मेदार है।
इटली क्रिकेट के छह अधिकारियों ने दिया इस्तीफा
कॉर्डिनेटर पर ये आरोप बोर्ड के अंदर चल रही उथल-पुथल के बीच लगाए गए हैं। इटली का कैंपेन खत्म होने के बाद से प्रेसिडेंट को हटा दिया गया है और CEO लुका ब्रूनो मालस्पिना के मुताबिक बोर्ड के छह सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया है। इससे फेडरल काउंसिल भंग हो गई है। लेकिन हसन ने कहा कि इन लोगों का जाना इन आरोपों से जुड़ा नहीं है।
