
PM मोदी ने भारत-इजरायल संबंधों और अपने जन्मदिन का खास कनेक्शन बताया।
India Israel Relations: इजरायली यात्रा पर गए PM मोदी ने उनकी संसद में संबोधित करते हुए बताया कि उनके जन्म और भारत-इजरायल के रिश्तों में खास संबंध है। PM मोदी ने बताया कि 17 सितंबर 1950 को जब उनका जन्म हुआ था, उसी दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी। उसी दिन भारत और इजरायल के राजनयिक रिश्तों की शुरुआत हुई थी। जानें इजरायल की संसद में PM मोदी ने क्या-क्या कहा?
PM मोदी के बर्थडे के दिन इजरायल को भारत ने दी थी मान्यता
इजरायली संसद में PM मोदी ने कहा, ‘9 साल पहले, मुझे भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में इजरायल की यात्रा करने का सौभाग्य मिला था, और मुझे यहां दोबारा आकर बहुत खुशी हो रही है। इस जमीन पर लौटकर प्रसन्नता हो रही है जिससे मेरा हमेशा से लगाव रहा है। आखिरकार, मैं उसी दिन जन्मा जब भारत ने औपचारिक रूप से इजरायल को मान्यता दी थी, यह दिन 17 सितंबर, 1950 का था।’
प्रधानमंत्री मोदी ने हमास के हमले पर जताया दुख
PM मोदी ने आगे कहा, ‘मैं भारत की तरफ से उन सारे लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताता हूं जिन्होंने 7 अक्टूबर को हमास की तरफ से किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाई। मैं उन सभी परिवारों के प्रति भी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिनका जीवन इस अटैक ने तबाह कर दिया। हम आपके दर्द को समझते हैं। हम आपके दुख में आपके साथ हैं। भारत इस वक्त और भविष्य में भी पूरे दृढ़ विश्वास के साथ इजरायल के साथ खड़ा है।’
हत्या की कोई भी वजह जायज नहीं ठहरा सकते- PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘नागरिकों की हत्या की कोई भी वजह जायज नहीं ठहराई जा सकती। आतंकवाद को कोई भी चीज जायज नहीं बता सकती। भारत ने भी लंबे वक्त तक आतंकवाद का दंश झेला है। हमें 26/11 मुंबई अटैक और उनमें मारे गए निर्दोष लोगों की याद है, जिनमें इजरायली नागरिक भी थे। आपके जैसे, हमारी भी आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी है, जिसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।’
‘आतंक के खिलाफ ग्लोबल एक्शन की जरूरत’
उन्होंने आगे कहा, ‘आतंकवाद का मकसद समाजों को अस्थिर करना, डेवलपमेंट को रोकना और भरोसे को नष्ट करना है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लगातार और कोऑर्डिनेटेड ग्लोबल एक्शन की जरूरत है क्योंकि कहीं भी आतंकवाद हर जगह शांति के लिए खतरा है। इसीलिए भारत स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए उठाए जाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है।’
