
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने रविवार को अपना वार्षिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2,60,437 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में रखा। वित्त मंत्री ने इस बजट को ‘मां-बेटियों को समर्पित’ बताते हुए इसे ‘गारंटी पूरा करने वाला बजट’ करार दिया।
शिक्षा क्षेत्र के लिए ये प्रावधान
- स्कूल शिक्षा के लिए ₹19,279 करोड़ का बजट, पिछले वर्ष से 7% अधिक।
- कक्षा शिक्षा परिणामों में पंजाब देश में पहले स्थान पर, केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ा।
- सिखिया क्रांति 2.0 के तहत अगले 6 वर्षों में ₹3500 करोड़ खर्च कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट
- श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित होगी।
- ITI सीटें 35,000 से बढ़ाकर 52,000 की गईं।
- पंजाब की 11 जेलों में ITI शुरू।
- टेक्निकल एजुकेशन के लिए ₹569 करोड़ रुपये।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹6,879 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री सेहत योजना
- हर परिवार को ₹10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा।
- राज्य के लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ।
- 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज।
- योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का बजट।
आम आदमी क्लिनिक
- राज्य में 881 आम आदमी क्लिनिक कार्यरत।
- 565 ग्रामीण क्षेत्रों में
- 316 शहरी क्षेत्रों में
- 107 दवाइयां और 47 टेस्ट मुफ्त।
- अब तक लगभग 5 करोड़ OPD विजिट।
- 55% लाभार्थी महिलाएं।
नए क्लिनिक
- 143 नए आम आदमी क्लिनिक बनाए जाएंगे।
- 308 हेल्थ सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा।
- 5 वर्षों में कुल 1,432 क्लिनिक स्थापित करने का लक्ष्य।
- इसके लिए ₹351 करोड़ का बजट।
अस्पताल सुधार
- 23 जिला अस्पताल और 42 उप-डिविजनल अस्पताल अपग्रेड।
- ₹300 करोड़ की मेडिकल मशीनरी खरीदी जा रही है।
स्वास्थ्य भर्ती
- 2022 से अब तक 934 डॉक्टर भर्ती।
- 400 विशेषज्ञ डॉक्टर और भर्ती किए जाएंगे।
- 400 नर्स भर्ती, 500 और भर्ती की प्रक्रिया में।
कृषि और किसान
- कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए ₹15,377 करोड़।
- किसानों को मुफ्त बिजली के लिए ₹7,715 करोड़।
- कपास के बीज पर 33% सब्सिडी।
- डायरेक्ट सीडेड राइस पर ₹1500 प्रति एकड़ सहायता।
- फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी पर 80% तक सब्सिडी।
- कृषि में मक्का को बढ़ावा देने के लिए नई योजना।
बागवानी
- बागवानी विकास के लिए ₹1300 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट।
- 2035 तक फल-सब्जी क्षेत्र को 4.59 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 17.34 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य।
