
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली: बिहार के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारत के हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन) नेटवर्क में अब बिहार भी शामिल होगा। यानी अब बिहार में भी बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर में पटना अहम केंद्र होगा।
असल में आज मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने एक और माइलस्टोन अचीव कर लिया। आज महाराष्ट्र के पालघर में माउंटेन टनल की खुदाई पूरी हो गई है। एमटी-5 टनल बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ा चैलेंज था लेकिन प्रोजेक्ट में लगी टीम ने सक्सेसफुली इसकी खुदाई पूरी कर ली है। इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने इस प्रोजैक्ट में लगे सभी इंजीनियर्स और कर्मचारियों को बधाई दी।
इसके बाद अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बजट में बिहार को भी बुलेट ट्रेन की सौगात मिली है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस हाईस्पीड रेल कॉरीडोर का एलान किया गया है उसमें बिहार भी शामिल है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वाराणसी से सिलीगुड़ी तक जो बुलेट ट्रेन चलेगी वो पटना से होकर जाएगी। ये बुलेट ट्रेन बिहार के लिए गेमचेंजर साबित होगी।
इस कॉरिडोर के बनने से वाराणसी से सिलीगुड़ी तक का सफर सिर्फ दो घंटे पचपन मिनट में पूरा हो जाएगा। अभी इस सफर में बारह घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है। वैष्णव ने कहा कि दूसरा कॉरिडोर वाराणसी से दिल्ली के बीच बन रहा है। इसलिए बिहार की कनेक्टिविटी दिल्ली से और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। यह राज्य के परिवहन और अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेमचेंजर’ साबित हो सकती है।
वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: बिहार को क्या मिलेगा?
- पटना बनेगा जंक्शन: वाराणसी से सिलीगुड़ी जाने वाली बुलेट ट्रेन पटना होकर गुजरेगी।
- समय की भारी बचत: वर्तमान में वाराणसी से सिलीगुड़ी जाने में 12 घंटे से अधिक का समय लगता है, लेकिन बुलेट ट्रेन से यह सफर मात्र 2 घंटे 55 मिनट में पूरा होगा।
- दिल्ली से कनेक्टिविटी: वाराणसी-दिल्ली कॉरिडोर का काम भी प्रगति पर है, जिससे बिहार के लोग वाराणसी के रास्ते दिल्ली तक बेहद कम समय में पहुँच सकेंगे।
बजट में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
- दिल्ली – वाराणसी
- वाराणसी – सिलीगुड़ी
- मुंबई – पुणे
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- हैदराबाद – चेन्नई
- चेन्नई – बेंगलुरु
