श्रद्धा हत्याकांड केस - India TV Hindi News

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श्रद्धा हत्याकांड केस

Shraddha Murder Case: दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड में आरोपी आफताब ने पुलिस के सामने कबूल लिया है कि उसने ही हत्या की थी। आफताब को दिल्ली पुलिस की एक टीम महरौली के जंगल लेकर जा रही है, जहां उसने श्रद्धा की बॉडी के टुकड़े करके फेंके थे। पुलिस आफताब की निशानदेही पर श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स की तलाश करेगी। 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा का मोबाइल फोन आफताब ने कहीं फेंका था। पुलिस श्रद्धा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन निकाल रही है, ताकि श्रद्धा का मोबाइल बरामद किया जा सके। पुलिस श्रद्धा के शरीर को टुकड़ों में काटने के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार की भी तलाश कर रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि श्रद्धा के मर्डर के बाद आफताब श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट से श्रद्धा के कुछ दोस्तों से बातचीत करता था। जून तक उसने श्रद्धा का इंस्टाग्राम इस्तेमाल किया, ये दिखाने के लिए की श्रद्धा जिंदा है। पुलिस इस एंगल पर आफताब से और पूछताछ करेगी।

आफताब डेटिंग ऐप बंबल के जरिए श्रद्धा से मिला था। श्रद्धा के मर्डर के बाद इसी ऐप के जरिए 15-20 दिन के अंदर आफताब ने दूसरी गर्लफ्रेंड बनाई थी, जिसे लेकर फ्लैट पर आता था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आफताब पूनावाला और श्रद्धा वॉकर के एक कॉमन फ्रेंड को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने बताया कि यह वह दोस्त है जिसने श्रद्धा के पिता को उससे बातचीत के बारे में बताया था। 

पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा के शरीर के अंगों को काटने के लिए सिर्फ एक हथियार का इस्तेमाल किया गया था। आफताब ने शरीर के अंगों को काटने के लिए मिनी आरी का इस्तेमाल किया था। मिनी आरी अभी तक बरामद नहीं हुई है। वहीं, अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी आफ़ताब महरौली के मकान में पहले 15 मई को खुद शिफ्ट हुआ, फिर अगले दिन श्रद्धा को मकान पर लाया और 18 मई को उसकी हत्या कर दी। 18 मई को श्रद्धा की हत्या के बाद दूसरे दिन 19 मई को आफताब महरौली गया, वहां से उसने शव को टुकड़ों में काटने के लिए आरी खरीदी, साथ ही बॉडी पार्ट्स को स्टोर करने के लिए फ्रिज भी खरीदकर लाया।

श्रद्धा के पिता विकास वॉकर का कहना है, “हम आफताब के लिए मौत की सजा की मांग करते हैं। मुझे भरोसा है कि दिल्ली पुलिस और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रद्धा अपने चाचा के करीब थी, मुझसे ज्यादा बात नहीं करती थी। मैं कभी भी आफताब के संपर्क में नहीं था। मैंने वसई में पहली शिकायत दर्ज कराई।”





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