Sanjay Singh, Delhi- India TV Hindi

Image Source : FILE
संजय सिंह

नई दिल्ली: दिल्ली शराब घोटाले मामले में सोमवार 9 अक्टूबर का दिन बेहद ही अहम रहने वाला है। ED ने दिनेश अरोड़ा से पूछताछ के लिए समन भेजा है। बता दें कि दिनेश अरोड़ा ही ED का अप्रुवर है। इसके साथ ही सोमवार को संजय सिंह का सामना दिनेश अरोड़ा से करवाया जाएगा। इसके अलावा ED सर्वेश मिश्रा और विवक त्यागी का भी दिनेश अरोड़ा से सामना कराएगी। बता दें कि सर्वेश मिश्रा और विवेक त्यागी से ED पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि संजय मिश्रा के घर पर दिनेश अरोड़ा के जरिए ही पैसा पहुंचाया गया था।

दिनेश अरोड़ा के बयान पर ही गिरफ्तार हुए हैं संजय सिंह 

दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार दिनेश अरोड़ा दिल्ली के बड़े कारोबारियों में गिना जाता है। ED ने दिनेश को जुलाई में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गया। फ़िलहाल वह इसी मामले में जमानत पर बाहर है। गिरफ्तारी के बाद ED से पूछताछ के दौरान उसने आरोप लगाया कि संजय सिंह ने ही उसकी मुलाकात मनीष सिसोदिया से कराई थी और उसने लाखों रुपए आम आदमी पार्टी को फंड के तौर पर मनीष सिसोदिया को सौंपे थे। 

कौन है दिनेश अरोड़ा?

दिल्ली की रेस्टोरेंट उद्योग में दिनेश अरोड़ा एक चर्चित नाम है। दिल्ली के लगभग हर बड़े बाजार में उसके कैफे, रेस्टोरेंट खुले हैं। साल 2009 में वो होटल एंड रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से जुड़े थे। हौज खास में उन्होंने अपना पहला कैफे खोला था। साल 2018 में अरोड़ा ने ईस्टमेल कलर रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की शुरुआत की। एक कंपनी के बाद एक के बाद उन्होंने कई कंपनियां शुरू की। दिनेश अरोड़ा कोरोना के समय काफी चर्चा में आया था। उसने लॉकडाउन के दौरान जरुरतमंदों को राशन बांटा था।

संजय सिंह को पांच दिनों की ईडी रिमांड

इससे पहले बृहस्पतिवार को दिल्ली की एक अदालत ने संजय सिंह को पांच दिनों के लिए ईडी की रिमांड पर भेज दिया। अदालत में जब संजय सिंह के यह पूछा गया कि क्या वह कुछ कहना चाहते हैं, तो सिंह ने दावा किया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। आप नेता ने मामले में अब सरकारी गवाह बन गए आरोपी कारोबारी दिनेश अरोड़ा से दो करोड़ रुपये मिलने के ईडी के दावे को खारिज करते हुए कहा, “सर, अमित अरोड़ा ने दसियों बयान दिये, दिनेश अरोड़ा ने कई बयान दिये, लेकिन उन्हें मेरा नाम याद नहीं रहा। मैं इतना भी अनजान नहीं हूं कि वे मेरा नाम भूल गये। अब उन्हें अचानक याद आया। कोई अलग कानून नहीं है। मुझे एक बार भी समन नहीं किया गया। मेरे लिए अलग कानून क्यों?” 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version