प्रशांत किशोर ने जन सुराज को बनाया राजनीतिक दल- India TV Hindi

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प्रशांत किशोर ने जन सुराज को बनाया राजनीतिक दल

प्रशांत किशोर ने गांधी जयंती के मौके पर जन सुराज को सियासी पार्टी में तब्दील करने का ऐलान कर दिया। पटना के वेटरनरी ग्राउंड में प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी जन सुराज का औपचारिक ऐलान किया। इस दौरान प्रशांत किशोर के साथ मंच पर पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव, पूर्व सांसद मोनाजिर हसन, पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी, कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर, पूर्व आईएफएस अधिकारी मनोज भारती (कार्यकारी अध्यक्ष) समेत कई जिलों के स्थानीय नेता मौजूद रहें।

प्रशांत किशोर ने अपने भाषण में कहा, “जन सुराज के नाम को चुनाव आयोग से राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता मिल गई है। दल इसलिए बनाया है, ताकि कोई बिहारी को गाली नहीं दे सके। जन सुराज की विचारधारा- जो गांधी, आम्बेडकर ने बताया, मानवता है हमारी विचारधारा, मानवता से बढ़कर कोई बात नहीं है। जाति, धर्म के आधार पर मानव में भेदभाव नहीं होना चाहिए। वोट जिसको देना है दे दो, लेकिन जो मंत्र बता रहे हैं उसको सुनिए। कांग्रेस, लालू, नीतीश, मोदी से जो नहीं हुआ वो हम बताएंगे कैसे होगा। आपने पढ़ाई, रोजगार के लिए वोट नहीं दिया, इसलिए आपको नहीं मिला। लालू जी के राज में गरीबों, पिछड़ों को सम्मान मिला, नीतीश के राज में घर-घर बिजली आई है, सिलेंडर के नाम पर मोदी जी को तो सिलेंडर मिला, आपने पढ़ाई, रोजगार के लिए किसी को वोट नहीं दिया, इसलिए आपके बच्चे अनपढ़ और बेरोजगार रह गए।”

“विशेष राज्य का दर्जा नहीं चाहिए, भिखारी नहीं है हमलोग”

पीके ने आगे कहा, “पढ़ाई, जमीन और पूंजी ये तीन रास्ता गरीबी से बाहर निकलने का है। बिहार में स्कूल से खिचड़ी और कॉलेज में डिग्री बंट रहा है। बिहार में जन सुराज की सरकार बनी, तो एक घंटे के अंदर शराबबंदी उखाड़ कर फेंक देंगे। शराब के टैक्स से आया पैसा अगले 20 साल नई शिक्षा व्यवस्था बनाने पर खर्च होगा। नई शिक्षा के लिए 5 लाख करोड़ चाहिए। शराबबंदी जाएगी, नई शिक्षा व्यवस्था आएगी। 15 साल से 50 साल के लोगों को 10 से 12 हजार का रोजगार देना है। विशेष राज्य का दर्जा नहीं चाहिए, भिखारी नहीं है हमलोग। 4 लाख 61 हजार करोड़ रुपया बैंक में हमलोग ने जमा किया। ऋण 1 लाख करोड़ दिया, बांकी पैसा गुजरात, तमिलनाडु भेज दिया। गुजराती को 100 में 90 रुपये लोन मिलता है, जबकि बिहार में बैंक 40 रुपये देता है। जनसुराज 4 प्रतिशत सालाना ब्याज पर रोजगार के लिए पैसे देगा।”

“60 साल से अधिक उम्र की महिला और पुरुष को 2000 पेंशन”

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा, “60 साल से अधिक उम्र की महिला और पुरुष को 2000 पेंशन दिया जाएगा। हर साल 6000 करोड़ लगेगा। 2.5 लाख करोड़ का बिहार का बजट है। आज कल जमीन सर्वे चल रहा है। ये घर-घर में गोली चलवा देगा। 50 लाख से ज्यादा का वसूली हो गया। यहां सर्वे नहीं भूमि सुधार होना चाहिए। जब सरकार को पता ही नहीं है कि किसकी कौन जमीन है, तो आपसे पूछ रहा है। देश में 100 में 38 के पास जमीन नहीं है, जबकि बिहार में 60 के पास जमीन नहीं है। नकदी फसल उपजाने वाले को किसानों को मजदूर मुफ्त मिलेगा, मनरेगा के मजदूरों को खेती से जोड़ दिया जाए, तो ये संभव है।”

“पार्टी बन गई, नेता हम नहीं, बिहार का ही कोई बच्चा बनेगा”

उन्होंने आगे कहा, “महिला को 4 प्रतिशत सालाना पर पैसा मिलेगा, जबकि जीविका में 30 प्रतिशत सालाना कर्ज मिलता है। ये सब तब होगा जब सरकार बनेगी। पार्टी बन गई, नेता हम नहीं, बिहार का ही कोई बच्चा बनेगा। दल का नेतृत्व, दल का कार्यवाहक अध्यक्ष दलित समाज का व्यक्ति बनेगा, इसलिए नहीं कि वो दलित है, बल्कि इसलिए कि वो काबिल है। जन सुराज में जात-पात के आधार पर जगह नहीं मिल सकती है, जिसकी जितनी आबादी है उतनी उसकी भागीदारी होनी चाहिए। मनोज भारती दल के कार्यवाहक अध्यक्ष होंगे। ये अनुसूचित जाति के हैं, लेकिन ये प्रशांत किशोर से ज्यादा काबिल आदमी हैं। IIT से पढ़े हैं, आईएफएस हैं, चार देशों में राजदूत रहे हैं।”

“पहला ऐसा दल जो संविधान में लिख रहा है राइट टू रिकॉल”

जन सुराज पार्टी के संविधान को लेकर उन्होंने कहा, “अध्यक्ष का कार्यकाल 1 साल, जबकि नेतृत्व परिषद 2 साल के लिए होगा। देश में पहली बार ऐसा दल बना है जो अमेरिका वाले राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए जैसा करते हैं, जनसुराज में भी वैसा होगा। जो लोग बिहार में मार्च से पहले उम्मीदवार बनना चाहते हैं उनका नाम प्रकशित किया जाएगा। संस्थापक सदस्य का समूह सबको जांचने-परखने के बाद जिसको चुनेगा वही उम्मीदवार बन जाएगा। पहला ऐसा दल जो संविधान में लिख रहा है राइट टू रिकॉल, चुने सदस्य यदि गलत करेंगे, तो ढाई साल में उसको वापस बुलाया जाएगा। पार्टी के आधिकारिक झंडा में गांधी जी के साथ बाबा साहेब आम्बेडकर का चित्र भी शामिल किया जाएगा। कल नेतृत्व परिषद के सदस्यों की घोषणा की जाएगी।” प्रशांत किशोर आगे भी पैदल चलते रहेंगे। गांव-गांव में जाते रहेंगे। 

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