
वक्फ बिल पास होने से भाजपा को क्या होगा फायदा
वक्फ बिल को आज लोकसभा में पेश कर दिया गया है और उसपर चर्चा जारी है। एनडीए को अपने सहयोगियों का साथ मिला है और भाजपा नीत एनडीए सरकार इस बिल को हर हाल में सदन से पास कराने में जुटी है। अगर यह बिल सदन से पास हो गया तो भाजपा को इसका क्या फायदा होगा? 1995 के वक्फ एक्ट में संशोधन और 1923 के मुसलमान वक्फ एक्ट को निरस्त करने की पहल वास्तव में भाजपा की एनडीए सरकार के लिए आर्टिकल 370 को निरस्त करने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तरह वैचारिक एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
क्यों जरूरी है वक्फ बिल का पास होना
वक्फ बिल पास कराना मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। अपने तीसरे कार्यकाल की सत्ता संभालते ही मोदी सरकार ने वक्फ कानूनों से निपटने के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया था और आज हर हाल में इस बिल को पास कराने की कोशिश की जा रही है। संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ बोर्ड की अनियंत्रित शक्तियां कम हो जाएंगी और वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति पर बिना सत्यापन आधिपत्य घोषित नहीं कर सकेगा।
चुनाव में भाजपा को फायदा
वक्फ संशोधन बिल के पास होने से भाजपा को क्या फायदा होगा तो इसे इस तरह से समझते हैं…इसी साल दिल्ली चुनाव में मिली जीत के बाद अब बिहार में विधानसभा चुनाव होना है और इस चुनाव का पूरा पिच जाति की जगह धर्म पर शिफ्ट होगा और इसे भुनाने का भाजपा के पास खास मौका है ताकि मुस्लिम वोट एनडीए के खाते मे आए। सबसे बड़ी बात है कि नीतीश कुमार की जदयू ने भी वक्फ बिल को लेकर अपनी सहमति दे दी है।
वोट में कन्वर्ट होगा वक्फ
दूसरा फायदा बिहार के बाद पश्चिम बंगाल, असम और फिर यूपी में भी विधानसभा चुनाव होंगे जिसमें बीजेपी को सीधा फायदा होगा। तीसरा फायदा ये होगा कि वक्फ बोर्ड से प्रताड़ित गरीब मुस्लिमों
में बीजेपी के लिए सॉफ्ट कॉर्नर होगा और जो वोट में कन्वर्ट होगा। वक्फ बिल से भाजपा को आगामी चुनावों में डायरेक्ट फायदा होता दिख रहा है। इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर और महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद हिंदुत्व की पिच पर बीजेपी मजबूत हो जाएगी। जितना विपक्ष और मुस्लिम इंटैक्ट होंगे उतना हिंदू वोटर भाजपा के साथ आएंगे।