Asaduddin Owaisi statement on Waqf Amendment Act said Waqf is our property not the government's
Image Source : INDIA TV
वक्फ संशोधन अधिनियम पर असदुद्दीन ओवैसी का बयान

लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पास कर दिया गया है। इसे लेकर AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस बीच इंडिया टीवी से बात करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ हम कोर्ट जाएंगे और वहीं इसकी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी मुखालिफत इस बुनियाद पर है कि भारत के मुसलमानों का वक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्थान है। हमारा मानना है कि हिंदू धर्म, सिख धर्म और जैन धर्म के बोर्ड में दूसरे धर्म के लोगों को नहीं बिठाया जाता। इन धर्मों के लिए लिमिटेशन एक्ट अप्लाई नहीं होता है। हिंदू, जैन और सिख धर्म के बोर्ड को कोई भी व्यक्ति पैसा दे सकता है। लेकिन आपने वक्फ बाई यूजर हटा दिया।

सरकार की प्रॉपर्टी नहीं है वक्फ: असदुद्दीन ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक के जरिए वक्फ बाई यूजर को हटा दिया। लिमिटेशन हटा दिया, ताकि जिन्होंने वक्फ की जमीन पर कब्जा किया है, वह मालिक बन जाएं। यह संविधान के अनुच्छेद 15 और 21 का उल्लंघन है। हमारी मांग एक ही है कि हिंदू धर्म, जैन धर्म, सिख धर्म के बोर्ड्स को जो अधिकार हैं। वही अधिकार मुसलमानों को दिए जाएं। वक्फ कोई सरकारी प्रॉपर्टी थोड़े है। वक्फ हमारी प्रॉपर्टी है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नरेंद्र मोदी भाजपा के पक्ष में बड़ी बात कर रहे थे। कोई भी दरगाह और ईमामबाड़ा क्या बचेगा जो एएसआई के अधीन आते हैं। इस मुल्क की सबसे बड़ी तंजीमें, मुस्लिम तंजीमें, जिसे सभी मुसलमान स्वीकार करते हैं। जितने मुस्लिम संस्थान हैं, उन्होंने इस बिल को इसलिए रिजेक्ट किया क्योंकि ये असंवैधानिक है। सबने इसे रिजेक्ट किया है। अब भाजपा के कुछ वफादार मुसलमान होंगे जो ये तख्ती लेकर शुक्रिया मोदी कह रहे हैं। आए दिन बुल्डोजर से घर तोड़े जा रहे हैं। अगर कोई इस देश में सबसे ज्यादा नफरत झेल रहा है, चाहे वह सरकार द्वारा स्पॉन्सर हो या फिर लोगों द्वारा वो हम मुसलमान झेल रहे हैं। 

ओवैसी बोले- राम मंदिर में नकारा गया वक्फ बाई यूजर का नियम

असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि हम भरोसा कैसे करेंगे जब आप वक्फ बाई यूजर को लिमिट करके कह रहे हैं, सरकार से अगर वक्फ प्रॉपर्टी को लेकर झगड़ा होगा। राम मंदिर में वक्फ बाई यूजर को नकारा गया। देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ कानून आ सकता है। क्या कोई अपने ही केस में जज हो सकता है। भारत के संविधान में थ्योरी ऑफ सेपरेशन ऑफ पावर है। सरकार के कब्जे में जो वक्फ की प्रॉपर्टी है, उसे अपने ऑफिसर से फैसला कराकर आप उसके मालिक बन जाएंगे। 180 वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर एएसआई का कब्जा है। आप उन्हें मालिक बना देंगे। आप कौन सा काम कर रहे हैं, जो आप वक्फ बोर्ड को सही करने के लिए कर रहे हैं।

 

Latest India News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version