US share Market

Photo:FILE अमेरिकी शेयर बाजार

US stock Makret: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वार दुनियाभर के तमाम देशों पर टैरिफ कई गुना बढ़ाने का असर अब दिखाई देने लगा है। दुनियाभर के बाजारों में बिकवाली शुरू हो गई है। अमेरिकी बाजार भी इससे अछूते नहीं है। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। आपको बता दें कि एसएंडपी 500 में 6 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2,231 अंक लुढ़का। एसएंडपी 500 फरवरी में अपने रिकॉर्ड से लगभग 16% नीचे लुढ़क गया है। नैस्डैक -948.58 अंक या 5.73% गिरकर 15,602.03 अंक पर बंद हुआ। आपको बता दें कि एसएंडपी 500 और नैस्डैक में मार्च 2020 के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। वहीं हाउ जोन्स में अक्टूबर 2020 के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। यानी यह कोविड-19 महामारी के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। 

चीन ने जवाबी टैरिफ लगाया गया

चीन के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वह 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी वस्तुओं पर 34% का अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी सामान पर कई गुना टैरिफ लगाया गया है। चीन द्वारा जवाबी टैरिफ लगाने के बाद टैरिफ युद्ध ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल मचा दी है और आर्थिक मंदी की आशंकाएं बढ़ा दी हैं। निवेश बैंक जेपी मॉर्गन ने अनुमान लगाया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के साल के अंत तक मंदी में प्रवेश करने की संभावना है। 

दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा 

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने शुक्रवार को कहा कि ट्रंप द्वारा भारी टैरिफ लगाने से अमेरिका में महंगाई बढ़ने और मंदी का खतरा है। इससे ग्रोथ धीमी हो सकती है। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, ट्रेड वॉर से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा मंडराने लगा है। टैरिफ से सामान की कीमत बढ़ेगी जो महंगाई बढ़ाने का काम करेगी। इससे मांग कम होगी जो मंदी को रास्ता खोलेगी। 

भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?

भारतीय बाजार में पिछले कई महीनों से कुछ अच्छा नहीं चल रह है। निवेशकों के लाखों करोड़ डूब गए हैं। अब दुनियाभर के बाजारों में गिरावट का दौर जारी है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा। भारतीय बाजार में भी बड़ी गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में छोटे निवेशकों को बाजार से दूर रहना बेहतर होगा। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि कोई भी फैसला जल्दबाजी में बिल्कुल नहीं लें। बाजार को संभलने दें। उसके बाद ही फैसला लें। 

 

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