धीरेंद्र शास्त्री का Exclusive इंटरव्यू।
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धीरेंद्र शास्त्री का Exclusive इंटरव्यू।

मुंबई: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर ने मुंबई से सटे ठाणे जिले के भिवंडी में एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हिंदू ग्राम को लेकर कई बातें स्पष्ट की। हिंदू ग्राम को लेकर पूछे जाने पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा ने कहा कि हिंदू ग्राम की हमारी परिकल्पना को लोगों ने गलत तरीके से ले लिया है। दरअसल हमारी समिति ने जमीन खरीद कर उन लोगों को दिया है जिनके पास घर नहीं है। इसमें कोई क्रय-विक्रय नहीं हो रहा है यानी कि यहां ना कोई खरीद रहा है और ना कोई बेच रहा है। यह जमीन समिति ने खरीदी है और लोगों को निशुल्क वहां पर घर बनाने के लिए दे रहे हैं। 

सनातनियों को हिंदू ग्राम में स्वागत

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि सनातन का मतलब है भारतीय परंपराओं का पालन करने वाले लोग, सनातनी परंपराओं का पालन करने वाले लोग, ऐसे लोग जो राष्ट्रद्रोही नहीं है। ऐसे लोग जिन्हें वंदे मातरम से दिक्कत नहीं है, जिन्हें राम से दिक्कत नहीं है। ऐसे सनातनी लोगों को वहां रहने का सौभाग्य मिलेगा। इसमें मुसलमान भी हो सकता है जो राम को मानने वाला हो। अगर वह राम को मानते हैं तो उस जगह पर आकर रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने यह नहीं कहा कि गैर हिंदुओं को जगह नहीं मिलेगी। हमने यह कहा कि गैर सनातनी यानी कि जिसे सनातन धर्म से प्यार नहीं होगा उसे वहां जमीन नहीं मिलेगी। 

हिंदू ग्राम में क्या-क्या होगा?

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू ग्राम के बारे में बताते हुए कहा कि वहां पर एक गौशाला होगी। वहां पर वैदिक गुरुकुल होगा। वहां पर एक छोटा मठ भी होगा। इसके अलावा वहां घर के बाहर ध्वज और तुलसी का पौधा लगाया जाएगा। इन नियमों का जो पालन करेगा, वह वहां पर आ सकता है। हिंदू ग्राम में यहूदी, पारसी या मुसलमान, कोई भी हो आ सकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र के लिए हिंदू गांव होना जरूरी है, इसकी परिकल्पना का हम प्रारंभ कर रहे हैं। संविधान, गीता और पुराण इन सबको साथ में लेकर चलने का हमारा सिद्धांत है। 

वक्फ को लेकर बोले पंडित धीरेंद्र शास्त्री

उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा और संविधान यह कहता है कि सबको समानता का अधिकार है तो समानता के देश में असमानता नहीं हो सकती। हमारे भी मंदिर हैं, हमारे मंदिरों पर सरकार का संरक्षण है अगर किसी स्थिति को ठीक करने के लिए सरकार अपने लोगों को बैठाकर कोशिश करती है तो हमें नहीं लगता है कि इसका विरोध नही होना चाहिए। लेकिन इस देश का दुर्भाग्य है, इस देश में इतने सनातनी सांसद वहां बैठे थे, लेकिन सनातनी सांसदों में तनातनी देखी गई। लोगों ने वक्फ बोर्ड का विरोध किया उन्होंने इस राष्ट्र का विरोध किया है।

भाषावाद, क्षेत्रवाद और जातिवाद के विरोधी

वहीं वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वक्फ बोर्ड मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, यह मुसलमानों के पक्ष में है। प्रॉपर्टी का गलत मिसयूज ना हो यह तो अच्छी बात है। हमारे मंदिरों की भी यही व्यवस्था है। कई जगहों पर ट्रस्ट में अधिकारी होते हैं, कलेक्टर होते हैं, वह व्यवस्था देखते हैं। हमें नहीं लगता यह गलत है। इसे मुसलमानों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हम भाषावाद, क्षेत्रवाद और जातिवाद के विरोधी हैं। हम राष्ट्रवाद के पक्ष में हैं। भाषावाद, क्षेत्रवाद और जातिवाद से राष्ट्रवाद की यात्रा हो, तभी देश अव्वल होगा, तभी देश विश्व गुरु बनेगा और तभी देश की उन्नति होगी।

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