
ओम पुरी
बॉलीवुड के सुपरहिट डायरेक्टर कबीर खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ ने 10 साल पूरे कर लिए हैं। बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही इस फिल्म में सलमान खान को लोगों ने खूब पसंद किया था। दमदार कहानी के साथ आई ये फिल्म कमाई के मामले में अव्वल रही थी। इतना ही नहीं इस फिल्म के सभी किरदार हिट थे और जमकर तारीफ भी हुई थी। फिल्म में बॉलीवुड के दिवंगत एक्टर ओम पुरी भी मौलवी के किरदार में नजर आए थे। फिल्म में ओम पुरी ने मौलवी के किरदार में होने के बाद भी जय श्री राम बोला था। अब कबीर खान ने इसको लेकर खुलासा किया है कि सीबीएफसी ने उन्हें इस डायलॉग को हटाने की बात की थी। लेकिन कबीर ने खुद लड़कर इस बात को नहीं माना अपने असल कहानी लाइनअप के साथ फिल्म रिलीज की।
कबीर खान ने खोले फिल्म के राज
कबीर खान ने हाल ही में स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में इसका खुलासा किया है। कबीर खान बताते हैं, ‘मैंने बस अपने दिल की सुनी। लेकिन आप सही कह रहे हैं, आजकल लोग किसी फिल्म को देखने से पहले उसका मूल्यांकन करते हैं। लेकिन उस समय, किसी ने भी यह नहीं कहा कि फिल्म आपत्तिजनक है। हालांकि, एक लाइन थी जिसे सेंसर बोर्ड मुझसे कटवाना चाहता था, जब ओम पुरी सलमान को विदा करते हुए ‘जय श्री राम’ कहते हैं।’ फिल्म निर्माता ने आगे कहा, ‘उन्हें लगा कि इससे लोग, खासकर मुस्लिम आबादी नाराज़ हो सकती है। लेकिन मैंने इसके लिए संघर्ष किया। मुझे याद है कि मैंने यह फिल्म गेयटी गैलेक्सी में देखी थी, जो मुंबई के सबसे बेहतरीन सिंगल-स्क्रीन थिएटरों में से एक है। बांद्रा के मुस्लिम ब्लू-कॉलर मजदूरों से भरा थिएटर, उस लाइन के आते ही तालियों से गूंज उठा। यह इस बात का स्पष्ट संकेत था कि जिन लोगों को इस पर संदेह था, वे गलत थे। आप देख सकते थे कि यह पल उनके दिलों में कितनी गहराई से उतर गया था।’
फिल्म ने छोड़ा गहरा असर
जब कबीर से पूछा गया कि क्या उन्हें उम्मीद थी कि यह फिल्म दर्शकों के दिलों पर गहरा असर डालेगी, तो उन्होंने कहा, ‘उस स्तर पर नहीं। मुझे पता था कि यह भावुक है, लेकिन मुझे लगा कि यह भावुक से ज्यादा मजेदार होगी। रिलीज के बाद, मैं सिनेमाघरों में गया और देखा कि लोग बस अपनी सीटों पर बैठे थे, उठ नहीं रहे थे। मुझे एहसास हुआ कि वे खुद को संभालने की कोशिश कर रहे थे। वे रो रहे थे। तभी मुझे एहसास हुआ कि यह वाकई भावुक है। अब भी, जब मैं आखिरी भाग दोबारा देखता हूं, तो मेरी आंखें नम हो जाती हैं। और अगर मेरी आंखें भर आती हैं, तो मैं समझ सकता हूं कि दर्शकों पर इसका क्या असर पड़ा होगा।’इसी बातचीत में कबीर खान ने यह भी बताया कि ओम पुरी इस भूमिका के लिए पहली पसंद नहीं थे। कबीर खान ने पहले नसीरुद्दीन शाह से संपर्क किया था, जिन्हें स्क्रिप्ट और किरदार बहुत पसंद आया लेकिन किन्ही कारणों से वे फिल्म नहीं कर पाए।